नयी दिल्ली, 22 फरवरी (भाषा) सुधार के रास्ते पर अग्रसर निजी क्षेत्र के ऋणदाता यस बैंक को मौजूदा वित्त वर्ष (2025-26) के अंत तक अपनी संपत्ति पर प्रतिफल (आरओए) एक प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है। बैंक के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) निरंजन बनोडकर ने यह जानकारी दी।
संपत्ति पर प्रतिफल (आरओए) लाभप्रदता का एक पैमाना है, जो यह मापता है कि कोई बैंक मुनाफा कमाने के लिए अपनी संपत्ति का कितनी कुशलता से उपयोग कर रहा है। उच्च आरओए बेहतर संपत्ति उपयोग और मुनाफे में वृद्धि का संकेत देता है।
बनोडकर ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “बैंक मौजूदा वित्त वर्ष का समापन एक प्रतिशत के आरओए के साथ करेगा। वहीं, अगले वित्त वर्ष (2026-27) में वार्षिक आधार पर आरओए एक प्रतिशत से अधिक हो जाएगा।”
दिसंबर तिमाही में बैंक ने 952 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है, जो वार्षिक आधार पर 55 प्रतिशत और पिछली तिमाही के मुकाबले 45 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
इस तिमाही के लिए बैंक का वार्षिक आरओए सुधरकर 0.9 प्रतिशत हो गया है, जो पिछली तिमाही और पिछले साल की समान तिमाही में 0.6 प्रतिशत था।
इसी तरह, चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों के लिए वार्षिक आरओए सुधरकर 0.8 प्रतिशत हो गया है, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 0.5 प्रतिशत था।