कोरबा (छत्तीसगढ़), 22 फरवरी (भाषा) कोल इंडिया की गेवरा खदान अगले साल 6.3 करोड़ टन उत्पादन का लक्ष्य हासिल कर अमेरिका की खदानों को पीछे छोड़ देगी और दुनिया की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक खदान बन जाएगी। एक शीर्ष अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) द्वारा संचालित गेवरा खदान भारत की सबसे बड़ी खुली (ओपनकास्ट) कोयला खदान है।
वर्ष 1981 से संचालित गेवरा खदान इस वर्ष 5.6 करोड़ टन कोयले का उत्पादन करेगी। खदान को अपनी क्षमता बढ़ाकर सात करोड़ टन प्रति वर्ष करने के लिए पर्यावरण मंजूरी पहले ही मिल चुकी है।
एसईसीएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) हरीश दुहान ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ साक्षात्कार में कहा, ‘‘अगले साल तक अकेले गेवरा खदान 6.3 करोड़ टन उत्पादन करेगी और दुनिया की नंबर एक खदान बन जाएगी।’’
वर्तमान में अमेरिका के व्योमिंग स्थित पाउडर समुद्री तट की ‘ब्लैक थंडर खदान’ 6.1 से 6.2 करोड़ टन उत्पादन के साथ दुनिया की सबसे बड़ी कोयला खदान है, जिसके बाद ‘नॉर्थ एंटीलोप रोशेल खदान’ का स्थान आता है।
सीएमडी ने कहा कि एसईसीएल इस चालू वित्त वर्ष में गेवरा से 5.6 करोड़ टन उत्पादन का लक्ष्य हासिल करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य के लिए आवश्यक चार संसाधनों भूमि, मशीनरी, जनशक्ति और ग्राहकों की मांग का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी टीम के पास बेहतर अग्रिम योजना के साथ सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं।