रांची, 21 फरवरी (भाषा) झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में मानव-पशु संघर्षों को रोकने, निवारण उपायों को लागू करने और मुआवजे की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार कर रही है।
सोरेन ने विधानसभा में कांग्रेस विधायक रामेश्वर ओरांव के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए राज्य में मनुष्यों-हाथियों के बीच बढ़ते संघर्षों पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा, “इसे ध्यान में रखते हुए, हम न केवल हाथियों के हमलों के लिए बल्कि लकड़बग्घे, भालू और तेंदुए जैसे अन्य जानवरों से जुड़े संघर्षों के लिए भी एक मजबूत एसओपी तैयार कर रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकार मुआवजा प्रक्रिया को सरल बना रही है ताकि प्रभावित परिवारों को समय पर पैसा मिल सके।”
सोरेन ने बताया कि सरकार 2020-21 से मानव-हाथी संघर्षों के रुझान का अध्ययन कर रही है।
उन्होंने कहा, “हम हाथियों के रास्तों को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों और अवैध खनन के खिलाफ भी कार्रवाई कर रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने हाल ही में वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें इस संबंध में ठोस कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया।
ओरांव ने बताया कि राज्य में दो सप्ताह में हाथियों के हमले में 23 लोगों की मौत हुई है।
उन्होंने कहा, “झारखंड में हाथियों के हमले में मौत होने पर चार लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है जबकि ओडिशा में 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है। मैं सरकार से मुआवजे की राशि बढ़ाने का आग्रह करता हूं।”