21 फरवरी : …जब लाहौर पहुंचे अटल बिहारी वाजपेयी

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नयी दिल्ली, 21 फरवरी (भाषा) भारत-पाकिस्‍तान रिश्‍तों के इतिहास में 21 फरवरी का अहम स्‍थान है। वर्ष 1999 में इसी तारीख को तत्‍कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने एक संधि पर हस्ताक्षर किए थे जिसे ‘लाहौर घोषणा’ कहते हैं।

बात 21 फरवरी से जुड़े एक और ऐतिहासिक क्षण की करें तो हमारे देश में धर्म और आस्थाओं का एक खास स्थान है। कुंभ का आयोजन भी आस्था का ऐसा ही विशालतम रूप है। हर 12 वर्ष बाद आने वाला महाकुंभ विश्व के सबसे बड़े मानव समागम के रूप में इतिहास की किताबों में दर्ज है। भारत के कुंभ मेले को संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) ने दुनिया की सबसे बड़ी शांतिपूर्ण मानव सभा के रूप में मान्यता दी है। वर्ष 2001 में इस सदी के पहले महाकुंभ का आयोजन किया गया था और 21 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन इस कुंभ का समापन हुआ था।

देश-दुनिया के इतिहास में 21 फरवरी की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:-

1948 : स्वतंत्र भारत के संविधान का मसौदा राष्ट्रपति को पेश किया गया।

1965 : विवादित राष्ट्रवादी अश्वेत नेता मालकॉम एक्स की अमेरिका में हत्या कर दी गई। न्यूयॉर्क में उन्हें उनके 400 समर्थकों के सामने गोली मार दी गई।

1972 : अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति रिचर्ड पी निक्सन ने चीन की यात्रा कर दोनों देशों के बीच पिछले 21 साल के दुराव को समाप्त किया।

1996 : हब्बल अंतरिक्ष द्वारा भेजे गए चित्रों की सहायता से ‘ब्लैक होल’ के अस्तित्व का पता चला।

1999 : यूनेस्को ने 21 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के रूप में मनाने का ऐलान किया।

1999 : पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बीच लाहौर घोषणा पर समझौता।

2001 : सहस्राब्दी के पहले महाकुंभ का समापन।

2004 : देश की टेनिस स्टार सानिया मिर्जा ने डब्ल्यू टी ए खिताब जीतकर एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम की। ऐसा करने वाली वह पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं।

2008 : पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता आसिफ अली जरदारी ने मुस्लिम लीग (एन) के नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से हाथ मिलाया।

2013 : हैदराबाद में एक के बाद एक बम धमाकों में 17 लोगों की मौत, सौ से ज्यादा लोग घायल।

2024 : भारत के जाने-माने कानूनविद और उच्चतम न्यायालय के अनुभवी वरिष्ठ अधिवक्ता फली एस. नरीमन का निधन।

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