फरवरी की यह गर्मी नहीं आम, फूड चेन पर पड़ सकता है असर, सेहत पर भी खतरा

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cloudscape image of shinning sun over blue sky and clouds

 फरवरी को सर्दी का महीना माना जाता है लेकिन तापमान को लेकर अप्रत्याशित बदलाव देखने को मिलने लगा है। तपिश गर्मी का अहसास कराने लगी  है। देश की राजधानी दिल्ली की बात करें तो 16 फरवरी को साल का सबसे गर्म दिन रहा। सुबह की ठंड कम हो रही है और कोहरा मुश्किल से दिख रहा है। दिन का तापमान भी 30 डिग्री के आसपास तक पहुंच जाता है। ऐसी गर्मी आम नहीं है। इंडियन एक्सप्रेस में हाल में प्रकाशित एक आलेख के अनुसार चल रहे सर्दियों के मौसम के बावजूद मुंबई में असामान्य रूप से ज़्यादा तापमान में तप रहा है पिछले हफ़्ते अधिकतम तापमान लगातार सामान्य से 3.4 डिग्री ज़्यादा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों ने तापमान में हालिया बढ़ोतरी का कारण पूर्वी हवाओं का आना या समुद्र के बजाय ज़मीन की तरफ़ से आने वाली गर्म हवाओं को बताया है।

 

आईएमडी के वैज्ञानिकों के अनुसार  पिछले कुछ दिनों से निचले लेवल पर पूर्वी हवाएं चल रही हैं जो ज़मीन से गर्म हवाओं के आने का इशारा है। इससे पिछले हफ़्ते टेम्परेचर में बढ़ोतरी हुई है। मुंबई में आमतौर पर अरब सागर से आने वाली ठंडी हवाएं चलती हैं। ज़मीन पानी के मुकाबले तेज़ी से गर्म होती है और अंदरूनी इलाकों से आने वाली हवाएं गर्म सूखी हवा लाती हैं जिससे दिन का टेम्परेचर बढ़ जाता है। इस सीज़न में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस भी कम देखे गए हैं. ये वे वेदर सिस्टम हैं जो आमतौर पर नॉर्थ इंडिया में बादल, बारिश या स्नोफॉल लाते हैं और वेस्टर्न इंडिया में टेम्परेचर कम करने में मदद करते हैं।  साल 2025 की फरवरी  125 साल में सबसे गर्म महीना था। इससे पहले 2024 को 1901 के रिकॉर्ड में सबसे गर्म साल घोषित किया गया था। एक्सपर्ट के अनुसार तापमान में अप्रत्याशित बढ़ोतरी लोगों की सेहत पर भी असर डाल सकती है। इसलिए बढ़ते तापामान के लिए बेहतर अर्बन प्लानिंग, ज़्यादा ग्रीन कवर और बेहतर वॉटर मैनेजमेंट की ज़रूरत है। बेहतर अर्ली वॉर्निंग सिस्टम भी अब जरुरी हो गया है।

जानिए क्या कहते हैं आंकडे
डाउन टू अर्थ में छपे एक अन्य आलेख के अनुसार देशभर मे  36 में से 27 शहरों में फरवरी के पहले 15 दिनों के दौरान अधिकतम दिन का तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया। रात का तापमान यानी न्यूनतम तापमान भी ऊंचा रहा। 20 राज्यों में पहले 15 दिनों में से कम से कम 10 दिनों तक रात का तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया। उत्तर भारत में बेमौसमी गर्मी का असर खास तौर पर अधिक स्पष्ट रहा। यहां 27 में से 15 शहरों में अधिकतम और न्यूनतम दोनों तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किए गए। आमतौर पर कड़ाके की सर्दी के लिए पहचाने जाने वाले इस क्षेत्र में मौसमी पैटर्न से यह बड़ा अंतर था। नई दिल्ली, जयपुर, जम्मू, हिसार, लुधियाना, लखनऊ और चंडीगढ़ जैसे शहरों में अधिकतम और रात का तापमान इस समय के औसत से कई डिग्री अधिक रहा और कई बार 25 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर पहुंच गया।

 

विशेषज्ञों  के अनुसार तेज गर्मी से गेहूं की फसल समय से पहले पक सकती है। इसके उत्पादन में कमी आ सकती है। 2022 के मार्च महीने में लू के कारण गेहूं फसल पर असर पड़ा था। सरसों, चना, मसूर और मटर समय से पहले फूल दे सकती हैं जिससे फलियों का विकास कमजोर रहेगा। पैदावार घट सकती है। गर्म परिस्थितियां चेंपा और अन्य रस चूसने वाले कीटों की तेजी से वृद्धि के लिए भी अनुकूल हो सकती हैं।आलू, प्याज, लहसुन,  टमाटर, फूलगोभी, पत्तागोभी और मटर जैसी सब्जी फसलें भी कंद बनने,  गांठ विकसित होने,  फूल आने और फल लगने जैसे महत्वपूर्ण चरणों में प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो सकती हैं। पशुधन और पोल्ट्री में हीट स्ट्रेस बढ़ सकता है। चारे का सेवन घट सकता है, दूध और अंडा उत्पादन में कमी आ सकती है। बीमारियों के भी खतरा बढ़ सकता है।

पुनीत उपाध्याय

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