मेरे बयान हमेशा संवैधानिक दायरे में ही होते हैं : हिमंत विश्व शर्मा
Focus News 17 February 2026 0
मिर्जापुर (उप्र), 17 फरवरी (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मुस्लिम समुदाय के खिलाफ कथित टिप्पणियों को लेकर अपने खिलाफ दायर याचिकाओं पर उच्चतम न्यायालय द्वारा सुनवाई से इनकार के बीच दावा किया कि उन्होंने जो भी कहा, वह संविधान के दायरे में रहकर कहा है।
शर्मा ने यह भी कहा कि वह ‘‘असम और हिंदू समाज की भलाई’’ के लिए आगे भी आवाज उठाते रहेंगे।
शर्मा ने सोमवार शाम यहां संवाददाताओं से बातचीत में अपने खिलाफ कार्रवाई के आग्रह वाली याचिका पर उच्चतम न्यायालय के इनकार के बारे में पूछे गये एक सवाल पर कहा, ‘‘मैं जो भी बयान देता हूं वे हमेशा संवैधानिक दायरे में होते हैं, इसलिए मुझे कोई डर नहीं है। कोई कहीं भी जा सकता है लेकिन मैं जो भी कहता हूं वह असम और हिंदू समाज की भलाई के लिए बोलता हूं… और मैं बोलता रहूंगा।’’
उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के खिलाफ एक वायरल वीडियो को लेकर दायर याचिका पर विचार करने से मना कर दिया था। वीडियो में शर्मा को कथित तौर पर एक खास समुदाय के लोगों पर राइफल से निशाना साधते और गोली चलाते हुए दिखाया गया था।
इस सवाल पर कि क्या किसी मुख्यमंत्री को किसी खास समुदाय पर बंदूक तानना शोभा देता है, शर्मा ने कहा कि वह वही काम करते हैं, जो उन्हें शोभा देता है।
उन्होंने कहा, ‘‘एक बात हमेशा याद रखें कि जब असम में हमारी संख्या 80 से 60 प्रतिशत रह गई है तो तथाकथित धर्मनिरपेक्ष लोगों को भी हमारी चिंता समझनी चाहिए।’’
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने पक्षकारों द्वारा सीधे उच्चतम न्यायालय का रुख करने के चलन पर कड़ी आपत्ति जताते हुए याचिकाकर्ताओं से कहा था कि वे इस मामले को लेकर गुवाहाटी उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएं।
बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर निकालने पर शर्मा ने कहा कि यह असम में एक बड़ी समस्या है।
उन्होंने दावा किया, ‘‘मैं रोजाना 100 से 150 बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर निकालता हूं। लेकिन उनकी संख्या बहुत बड़ी है। अभी हमने उनसे असम में 50 हजार एकड़ जमीन खाली करवायी है। प्रधानमंत्री के साथ एक बैठक में मैंने यह भी कहा था कि अगली बार मैं डेढ़ लाख एकड़ जमीन को घुसपैठियों के कब्जे से मुक्त कराऊंगा। घुसपैठियों के कब्जे में कुल 10 लाख एकड़ ज़मीन है।’’
शिवाजी महाराज और टीपू सुल्तान की तुलना पर शर्मा ने कहा, ‘‘टीपू सुल्तान ने हिंदुओं पर अत्याचार किया। एक हिंदुओं का रक्षक (शिवाजी महाराज) था और दूसरा (टीपू सुल्तान) हिंदुओं का विनाशक था। तो, दोनों बराबर कैसे हो सकते हैं?’’
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के पाकिस्तान से कथित संबंधों के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर असम के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमने सुबूत दे दिए हैं। केंद्र सरकार इस पर फैसला लेगी।’’
कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के हालिया बयान पर शर्मा ने कहा कि यह कांग्रेस का अपना मामला है।
तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर के पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में ‘बाबरी मस्जिद’ की तर्ज पर मस्जिद बनवाने के ऐलान पर तंज करते हुए शर्मा ने कहा कि वह असली बाबरी मस्जिद नहीं बल्कि उसका ‘पुतला’ है।
उन्होंने एक सवाल पर कहा, ‘‘वह असली बाबरी मस्जिद नहीं है। वह तो पुतला है। जब असली ही नहीं रहेगा, तो पुतला क्या करेगा?’’
