अमेरिका से व्यापार समझौता भारत से ट्रैक्टर निर्यात का अवसर : एस्कॉर्ट्स कुबोटा

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नयी दिल्ली, 15 फरवरी (भाषा) खेती और निर्माण उपकरण बनाने वाली कंपनी एस्कॉर्ट्स कुबोटा का मानना है कि भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता अमेरिका को ट्रैक्टर का निर्यात करने का एक अच्छा अवसर है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह बात कही है।

एस्कॉर्ट्स कुबोटा की जापानी मूल की कंपनी कुबोटा कॉरपोरेशन ने कहा है कि वह 2030 के लिए अपनी मध्यम अवधि की कारोबारी योजना के तहत भारत को अपना वृद्धि का इंजन बनाने की तैयारी कर रही है। कंपनी अपनी रणनीति के महत्वपूर्ण पहलू के तहत भारत में कारोबार और परियोजनाओं की संभावनाएं तलाश रही है।

एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड के पूर्णकालिक निदेशक और भारत में मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) भरत मदान ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘अभी हम अमेरिका को निर्यात नहीं कर रहे हैं। हमें लगता है कि अब शुल्क लगने से, शायद हमें उस बाजार को फिर से खोलने पर विचार करने का अच्छा मौका मिलेगा।’’

वह भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते के असर पर एक सवाल का जवाब दे रहे थे।

उन्होंने कहा, ‘‘अभी हमारी मूल कंपनी (कुबोटा) जापान से निर्यात कर रही है, और जापान पर अमेरिकी शुल्क लगभग 15 प्रतिशत है। इसमें और भारत के 18 प्रतिशत के शुल्क में कोई खास अंतर नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम भारत में ट्रैक्टर बना सकें और निर्यात को एक विकल्प के तौर पर देख सकें तो यह हमारे लिए एक अच्छा मौका है.. यह मूल कंपनी के लिए सोचने को एक बहुत अच्छा परिदृश्य होगा।’’

अपने 2030 की मध्यम अवधि की कारोबारी योजना के तहत, कुबोटा कॉरपोरेशन ने कहा कि ऊंची वृद्धि वाले बाजारों पर कब्जा करने का लक्ष्य रखते हुए कंपनी भारत को शोध एवं विकास, खरीद और उत्पादन का वैश्विक केंद्र बनाने का अवसर तलाशेगी। इसके अलावा पूरे समूह की लागत प्रतिस्पर्धी क्षमता में सुधार करेगी और अपनी आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करेगी।

भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के प्रभाव पर मदान ने कहा कि ट्रैक्टर पर शुल्क पहले से ही शून्य है, और कंपनी को ट्रैक्टर कारोबार पर कोई बड़े असर की उम्मीद नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम पहले से ही यूरोपीय संघ को निर्यात कर रहे हैं। ..आज भारत से यूरोप को निर्यात पहले से ही बहुत ज़्यादा है।’’

घरेलू बाजार के परिदृश्य के बारे में में उन्होंने कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों में कटौती के बाद ट्रैक्टर उद्योग वृद्धि की रफ्तार की उम्मीद कर रहा है। तीसरी तिमाही में ट्रैक्टर उद्योग 23 प्रतिशत की रिकॉर्ड दर से बढ़ा है।

मदान ने कहा कि मार्च तिमाही में, उद्योग के लगभग 30-35 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है, और यह रफ्तार जुलाई-अगस्त तक जारी रहने की संभावना है।

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