लंबे समय तक डेस्क पर काम करने या बैठने की तुलना धूम्रपान करने वालों से की जा रही है। नये अध्ययनों के अनुसार लंबे समय तक बैठकर काम करना या लंबे समय तक बैठना हमारे शरीर को उतना ही नुकसान पहुंचाता है जितना कि हमारे शरीर को धूम्रपान करने से होता है। चाहे आप पूरा दिन बैठ कर काम करने के बाद जिम व्यायाम के लिए जाएं या सैर करें, शरीर को जो नुकसान होना है, वह होगा। इसी प्रकार धूम्रपान करने वाले चाहे पौष्टिक आहार लें और व्यायाम करें, नुकसान उन्हें भी धूम्रपान करने जितना उठाना ही पडे़गा। धूम्रपान शरीर के बहुत सारे अंगों को नुकसान पहुंचाता है जैसे दिमाग, गला, फेफड़े आदि। ब्लड कैंसर, पेट की गड़बड़ी, किडनी ,ब्लैडर व सर्विक्स कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा कई और खतरनाक बीमरियां भी घेर सकती हैं जैसे अंधापन, मसूड़ों से संबंधित, निमोनिया, अस्थमा, गठिया, नपुंसकता आदि। ज्यादा समय तक बैठने से भी कई बीमारियों से जूझना पड़ सकता है। खड़े रहने व चलने से आपके शरीर में कैलोरीज का खर्च अधिक होता है और बैठने से कैलोरीज का खर्च कम होता है। नये शोधों के अनुसार अधिक समय तक बैठने से दिल की बीमारी व मधुमेह का खतरा बढ़ सकता है। इसके अतिरिक्त हमारी नाडि़यों में खून का प्रवाह कम हो जाता है जो सीधा दिल, दिमाग पर प्रभाव डालता है। शरीर के इन अंगों को खून कम पहुँचता है जिससे हमारी स्मरण शक्ति भी प्रभावित होती है। 6 घंटे से अधिक बैठने वालों का एलडीएल व मोटापा भी बढ़ता है और मधुमेह का खतरा भी। 8 घंटे से अधिक लगातार बैठने वालों की हड्डियां कमजोर होती हैं जिससे थोड़ी सी चोट लगने पर फ्रेक्चर हो सकता है। हमारी आयु भी कम होती है। इन सबसे बचने के लिए हमें फोन पर बात चलकर करनी चाहिए। हर एक घंटे के अंतराल में पीने के लिए पानी स्वयं लेने जाएं, वाशरूम जाएं, कुछ छोटे-छोटे काम औरों से न करवा कर आत्मनिर्भर बनें ताकि शरीर में हलचल होती रहे। पास की मार्केट से जाकर फल-सब्जी, दूध व ग्रासरी आदि स्वयं खरीदें। ये उपाय अपना कर आप अपने शरीर को अधिक बैठने के खतरों से बचा सकते हैं।