नयी दिल्ली, 13 फरवरी (भाषा) भारत के सतेंद्र सिंह लोहिया न्यूजीलैंड में कुक जलडमरूमध्य को पार करने वाले एशिया के पहले पैरा तैराक बन गए हैं।
मध्य प्रदेश के भिंड जिले के रहने वाले 38 वर्षीय लोहिया को 2024 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
लोहिया ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, ‘‘ऐतिहासिक उपलब्धि। न्यूजीलैंड में कुक जलडमरूमध्य पर जीत। दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक न्यूजीलैंड के कुक जलडमरूमध्य को अपनी टीम के साथ सफलतापूर्वक पार करने के बाद आज मैं बेहद भावुक और गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। पहली बार एशिया के किसी पैरा तैराक ने कुक जलडमरूमध्य को पार किया है।’’
अधिकारियों के अनुसार यह पैरा तैराक जनवरी के तीसरे सप्ताह में न्यूजीलैंड पहुंचा और वहां उन्होंने बेहद ठंडे पानी में कड़ा अभ्यास किया। उन्होंने नौ घंटे और 22 मिनट में 23.6 किलोमीटर तैरकर यह उपलब्धि हासिल की।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, ‘‘पद्मश्री और तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार से सम्मानित मध्य प्रदेश के अंतरराष्ट्रीय पैरा तैराक सतेंद्र एस लोहिया ने दुनिया के सबसे कठिन समुद्री मार्गों में से एक न्यूजीलैंड के कुक जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार करके इतिहास रच दिया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वह कुक जलडमरूमध्य को पार करने वाले एशिया के पहले पैरा तैराक बन गए हैं। मैं इस असाधारण उपलब्धि पर उन्हें हार्दिक बधाई देता हूं। देश और मध्य प्रदेश के लिए यह गौरवशाली क्षण उनकी अदम्य भावना और अटूट दृढ़ संकल्प को दर्शाता है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।’’
डायरिया का उचित इलाज नहीं हो पाने के कारण लोहिया बचपन में ही दिव्यांग हो गए थे। उन्होंने 2017 में समुद्री तैराकी का अपना सफर शुरू किया था। वह इंग्लिश चैनल को भी पार कर चुके हैं।