नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) सरकार ने बृहस्पतिवार को लोकसभा को बताया कि देश के हवाई अड्डों पर विमानों से पक्षियों के टकराने की घटनाओं की संख्या 2024 के 1,278 से बढ़कर पिछले साल 1,782 हो गईं।
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने लाइसेंस प्राप्त हवाई अड्डों पर वन्यजीवों से होने वाले संभावित खतरे से निपटने के लिए नियम बनाये हैं और दिशानिर्देश जारी किये हैं।
नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल द्वारा एक प्रश्न के लिखित उत्तर में साझा किये गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में देश के हवाई अड्डों पर विमानों से पक्षियों के टकराने की 6,337 घटनाएं हुईं।
पिछले साल इस तरह की घटनाओं की संख्या 1,782 थी, जबकि 2024 में यह संख्या 1,278 थी। वहीं, 2023 में यह संख्या 1,371 और 2022 में 1,131 तथा 2021 में 775 थी।
लाइसेंस प्राप्त हवाई अड्डों के संचालकों ने वन्यजीव जोखिम प्रबंधन योजना के साथ-साथ पक्षियों के टकराने की घटनाओं के मुख्य कारणों का पता लगाने के लिए प्रक्रियाएं तैयार की हैं।
अन्य प्रयासों के अलावा, हवाई अड्डों पर वन्यजीवों से उत्पन्न होने वाले खतरों के स्रोत की पहचान करने और उन्हें नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के वास्ते एयरफील्ड पर्यावरण प्रबंधन समितियां गठित की गई हैं।