नयी दिल्ली, 10 फरवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को आरोप लगाया कि पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे द्वारा उनकी किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के प्रकाशक के बयान को सोशल मीडिया पर साझा करने से राहुल गांधी बेनकाब हो गए हैं और देश के सामने एक ‘‘काल्पनिक तथ्य’’ पेश करने के लिए कांग्रेस नेता को माफी मांगनी चाहिए।
‘एक्स’ पर नरवणे के पोस्ट को उनकी किताब के प्रकाशक द्वारा जारी किए गए स्पष्टीकरण का ‘‘समर्थन’’ बताते हुए, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि गांधी ने लोकसभा में “झूठ और काल्पनिक तथ्य” पेश करने का प्रयास करके “अक्षम्य अपराध” किया।
पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (पीआरएचआई) ने सोमवार को कहा कि उसके पास जनरल नरवणे के संस्मरण ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के विशेष प्रकाशन अधिकार हैं, और पुस्तक अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है।
‘एक्स’ पर नरवणे के पोस्ट का जिक्र करते हुए त्रिवेदी ने कहा, “पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे द्वारा पेंगुइन के ट्वीट (एक्स पोस्ट) का समर्थन करने के साथ, निचले सदन में एक काल्पनिक कथा सुनाने की राहुल गांधी की कोशिश पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है।”
भाजपा के राज्यसभा सदस्य ने आरोप लगाया कि इससे यह भी साबित होता है कि विपक्ष के नेता और उनकी पार्टी कांग्रेस ने अपनी “तुच्छ राजनीति” के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में संदेह पैदा करने के लिए लोकसभा के पटल का इस्तेमाल किया।
भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने भी गांधी की आलोचना की और मांग की कि सदन को गुमराह करने के लिए ”फर्जी किताब” का इस्तेमाल करने के लिए वह देश से और लोकसभा में भी माफी मांगें।
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने मांग की कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला “देश को तोड़ने की साजिश रचने वाली ताकतों” से लोकतंत्र की रक्षा के लिए सदन से गांधी की सदस्यता रद्द करने को लेकर कदम उठाएं।