बदलता मौसम हमेशा शारीरिक सौन्दर्य पर प्रभाव डालता है किन्तु सौन्दर्य के प्रति जागरूक महिलाएं हमेशा हर ऋतु में भी अपनी खूबसूरती को बनाए रखती हैं। ठंडी हवाओं का सीधा असर त्वचा पर पड़ता है जिससे सामान्य त्वचा भी रूखी और खुरदरी होकर फटने लगती है।
ऐसा इसलिए होता है क्योंकि त्वचा के नीचे उपस्थित तैलीय ग्रंथियां कम मात्रा में तेल छोड़ती हैं और यह तेल भी शुष्क हवाओं द्वारा सोख लिया जाता है जिससे त्वचा रूखी हो जाती है। इस रूखी त्वचा को शीत ऋतु की शीतलता का सामना करने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इस ऋतु में अपनी सुन्दरता को कायम रखने के लिए निम्नलिखित उपाय अत्यन्त कारगर सिद्ध होते हैं।
शीतऋतु में साबुन का इस्तेमाल यथासंभव कम करने से त्वचा की स्निग्धता बरकरार रहती है। सम्पूर्ण बदन में स्निग्धता को लाने के लिए स्नान से पहले नारियल के तेल में कुछ बूंदें गुलाबजल की डालकर सम्पूर्ण शरीर में 5-10 मिनट तक अच्छी तरह मल लें। त्वचा अगर अधिक रूखी हो तो स्नान के बाद एक मग गुनगुने पानी में 6-7 बूंदें नारियल का तेल व दो बंूदें नींबू के रस की डालकर पूरे शरीर पर लगाएं। अगर आप संपूर्ण दिन घर में ही रहती हों तो त्वचा पर नरिशिंग क्रीम लगाना न भूलें। इससे त्वचा को पोषण मिलता है।
शीतऋतु में बालों में खुश्की से रूसी, बाल का झड़ना, या बालों को दोमुंहा हो जाने की समस्या बढ़ जाती है। बाल धोने से पहले कुनकुने जैतून के तेल से बालों की मालिश कर लें। रूसी हो तो नारियल के तेल में नींबू के कुछ रस को मिलाकर सप्ताह में एक बार सिर में अच्छी तरह मालिश कर लेनी चाहिए। बालों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए उन्हें भाप दें।
सर्दी में हेयर ड्रायर, बाल घुंघराले करने के लिए रोलर, राॅड व स्प्रे आदि का प्रयोग जहां तक सम्भव हो, कम ही करना चाहिए। घर से बाहर निकलते समय बालों में स्कार्फ बांधें। मोटर साइकिल या तेज वाहन पर बैठने से पहले बालों पर स्कार्फ अवश्य बांध लें अन्यथा बाल खुश्क हवाओं के कारण रूखे व चमकहीन होकर टूटने लगेंगे।
सर्दी के मौसम में हाथों की दूध या दही की मलाई से मालिश अवश्य करें। इससे हाथ मुलायम रहते हैं। खुश्की से हाथ खुरदरे होने पर नींबू मिले गुनगुने पानी में डुबोकर साफ करके ऊपर से जैतून का तेल धीरे-धीरे मल लें। रात को हाथ-पैर गुनगुने पानी से धोकर पोंछ लें और उन पर कोल्ड क्रीम से 2-3 मिनट तक मल लें। पैरों में दिनभर जुराबें डाले रखें और रात में एड़ियों में कोल्ड क्रीम लगा लें। एड़ियां नहीं फटेंगी।
ठंड से आंखों को भी बचाना आवश्यक है। दिन में तीन बार आंखों में अच्छा आईड्राप डालें पर झुर्रियां न पड़ें, इसके लिए लेनोनिन युक्त क्रीम लगाकर एक मिनट मालिश करके छोड़ दें। प्रातः उठने के बाद आंखों पर शीतल पानी का झोंका दें। आंखों पर गुनगुने पानी का प्रयोग भूलकर भी न करें। सर्दी में आंखों को स्वस्थ व उनकी सुन्दरता को बनाये रखने के लिए यह नितान्त आवश्यक है कि रात में मुंह ढंककर अवश्य ही सोएं।
सर्दी में होंठ अधिक फटते हैं। कच्चे दूध में केसर मिला कर पीस लें। नियमित रूप से इसका लेप अधरों पर करते रहने से वे फूल की तरह कोमल एवं चमकदार बने रहते हैं। नाभि में नियमित रूप से घी या सरसों का तेल लगाते रहने से भी होंठ नहीं फटते। अंडे के सफेद द्रव्य को पांच मिनट तक होंठों पर मालिश करते रहने से होंठ फटते नहीं हैं तथा वे कोमल बने रहते हैं। इस मौसम में लिपस्टिक का प्रयोग कम करना चाहिए। अगर आपने लिपस्टिक लगाई है तो रात में सोने से पहले लिपस्टिक को उतार कर उस पर मलाई अवश्य मल लें।
शीतऋतु में चेहरे की चमक बनाये रखने के लिए भोजन में हरी सब्जी व फलों की मात्रा को बढ़ा देना चाहिए। सूखे मेवे, अण्डे एवं चर्बीयुक्त भोजन को अवश्य ही लेना चाहिए। इससे त्वचा का रूखापन नियंत्रित होता है। खुश्की के कारण तन पर पपड़ी जमने की शिकायत हो तो विटामिन ’ए‘ की मात्रा वाले पदार्थों को ग्रहण करें क्योंकि यह विटामिन ’ए‘ की कमी से ही होता है। सर्दी में शरीर में चुस्ती-फुर्ती लाने के लिए व्यायाम करना कतई न भूलें। इन सभी को अपनाकर आप भी सर्दी में सुन्दरता बनाए रख सकती हैं।
