नयी दिल्ली, नौ फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक और व्हाट्सऐप की उन याचिकाओं पर सुनवाई सोमवार को 23 फरवरी तक स्थगित कर दी जो गोपनीयता नीति को लेकर 213.14 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने के भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के आदेश के खिलाफ दाखिल की गई हैं।
भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची एवं न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया की पीठ से कहा गया कि वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिबल अस्वस्थ हैं और इसलिए सुनवाई स्थगित कर दी जानी चाहिए।
पीठ ने कहा कि वह अंतरिम आदेश पारित करने के लिए दायर याचिकाओं पर 23 फरवरी को सुनवाई करेगी।
उसने उस एक वादी को मामले में पक्षकार बनाए जाने की अनुमति दी जिसका प्रतिनिधित्व वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद दातार कर रहे हैं।
न्यायालय ने तीन फरवरी को मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक और व्हाट्सऐप से मंगलवार को अप्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा था कि प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनियां ‘‘डेटा साझा करने के नाम पर नागरिकों की निजता के अधिकार से खिलवाड़ नहीं कर सकतीं।’’
न्यायालय गोपनीयता नीति को लेकर सीसीआई के उस आदेश के खिलाफ मेटा और व्हाट्सऐप की अपील पर सुनवाई कर रहा है जिसमें उन पर 213.14 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
पीठ ने कहा था कि वह नौ फरवरी को अंतरिम आदेश पारित करेगी। शीर्ष अदालत ने आदेश दिया कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को याचिकाओं में पक्षकार बनाया जाए।