वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की जीडीपी 6.4 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान,जी-20 देशों में सबसे तेज: मूडीज

0
gcuf40hg_gdp_625x300_15_January_26

नयी दिल्ली, नौ फरवरी (भाषा) भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर आगामी वित्त वर्ष में 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह घरेलू खपत में मजबूती, नीतिगत उपायों और स्थिर बैंकिंग प्रणाली के दम पर जी-20 अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ेगी। रेटिंग एजेंसी मूडीज रेटिंग्स ने सोमवार को एक रिपोर्ट में यह बात कही।

मूडीज ने अपनी बैंकिंग प्रणाली परिदृश्य रिपोर्ट में कहा कि परिसंपत्ति गुणवत्ता मजबूत बनी रहेगी। हालांकि सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) में कुछ दबाव देखने को मिल सकता है। इसके बावजूद, बैंकों के पास ऋण नुकसान को झेलने के लिए पर्याप्त भंडार मौजूद है।

रेटिंग एजेंसी ने कहा कि मजबूत व्यापक आर्थिक परिस्थितियों और संरचनात्मक सुधारों के समर्थन से 2026 में बैंकों के लिए परिचालन माहौल मजबूत बना रहेगा।

मूडीज ने कहा, ‘‘ हमारा अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की वास्तविक जीडीपी दर 6.4 प्रतिशत रहेगी जो मजबूत घरेलू खपत एवं नीतिगत उपायों के कारण जी-20 अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज होगी।’’

रेटिंग एजेंसी ने कहा, ‘‘ सितंबर 2025 में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) का युक्तिकरण और इससे पहले व्यक्तिगत आयकर की सीमा बढ़ाए जाने से उपभोक्ताओं की वहन क्षमता सुधरेगी एवं खपत आधारित वृद्धि को समर्थन मिलेगा।’’

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए मूडीज का यह अनुमान वित्त मंत्रालय की आर्थिक समीक्षा में जताई गई 6.8-7.2 प्रतिशत की सीमा से कम है।

आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष (2025-26) में भारत की वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने की संभावना है जो 2024-25 में दर्ज 6.5 प्रतिशत से अधिक है।

मूडीज ने कहा कि मुद्रास्फीति नियंत्रण में रहने और वृद्धि की गति मजबूत बने रहने से वह उम्मीद करता है कि भारतीय रिजर्व बैंक 2026-27 में मौद्रिक नीति में और ढील तभी देगा, जब आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती के संकेत मिलेंगे।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 2025 में अपनी नीतिगत दर में कुल 1.25 प्रतिशत की कटौती कर इसे 5.25 प्रतिशत कर दिया है।

मूडीज के अनुसार, समूची बैंकिंग प्रणाली में ऋण वृद्धि वित्त वर्ष 2026-27 में मामूली बढ़कर 11-13 प्रतिशत रह सकती है जो वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक 10.6 प्रतिशत रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *