धान उत्पादन को ‘बोझ’ बताना किसानों की तौहीन, केरल के प्रति शत्रुतापूर्ण रवैया: विजयन

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तिरुवनंतपुरम, आठ फरवरी (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने धान के बढ़ते उत्पादन को देश पर “बोझ” बताने के केंद्र सरकार के रुख की रविवार को कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे किसानों के लिए एक चुनौती और केरल के प्रति शत्रुतापूर्ण भावना का प्रतिबिंब करार दिया।

मुख्यमंत्री ने एक बयान में कहा कि केंद्र सरकार ने केरल से धान किसानों को दिए जाने वाले अतिरिक्त प्रोत्साहन बोनस को बंद करने की मांग की है।

विजयन के अनुसार, केंद्रीय वित्त मंत्रालय के व्यय सचिव ने आधिकारिक तौर पर सूचित किया है कि चूंकि धान का उत्पादन आवश्यकता से अधिक है, इसलिए इसकी खरीद लागत सरकारी खजाने पर बोझ बनेगी।

राज्य के मुख्य सचिव को इस आशय का एक पत्र प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के ऊपर बोनस देकर किसानों की सहायता करती है।

उन्होंने सवाल किया कि केंद्र सरकार को इस अतिरिक्त सहायता से आपत्ति क्यों है?

मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि केरल धान खरीद के लिए प्रति किलोग्राम 6.31 रुपये का अतिरिक्त बोनस प्रदान करता है।

विजयन ने आरोप लगाया, “जो लोग हजारों करोड़ रुपये के कॉर्पोरेट ऋण माफ करने में संकोच नहीं करते, वे धान किसानों को दिए जाने वाले बोनस को एक बड़ा बोझ बता रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि उत्पादन में वृद्धि को ‘देयता’ बताकर राज्य पर बोनस नीति की समीक्षा के लिए दबाव बनाया जा रहा है, जो किसानों और पूरे केरल के प्रति शत्रुतापूर्ण रवैये को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने यह आशंका भी जताई कि क्या यह कदम भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए बाजार खोलने की दिशा में पहला कदम है।

उन्होंने कहा कि केंद्र अपना बकाया हिस्सा समय पर जारी करने में विफल रहने के बावजूद ऐसे कदम उठा रहा है।

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