केरल सरकार के सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रतिष्ठित आमंत्रितों से पुनर्विचार का आग्रह: चेन्निथला

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तिरुवनंतपुरम, आठ फरवरी (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने केरल सरकार द्वारा इस महीने आयोजित किये जाने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने वाली कई प्रख्यात हस्तियों से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की अपील की है।

चेन्निथला ने एक खुले पत्र में उनसे 15 फरवरी को यहां होने वाले ‘विकास एवं लोकतंत्र पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन’ से दूर रहने का आग्रह किया।

पत्र में अमर्त्य सेन, रोमिला थापर, डॉ. शकुंतला थिलस्टेड, नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के नेता फारूक अब्दुल्ला और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सांसद कनिमोई सहित विशेषज्ञों को संबोधित किया गया है।

चेन्निथला ने पत्र में कहा कि वह किसी पक्षपातपूर्ण राजनीतिक आवाज के रूप में नहीं बल्कि एक ऐसे जागरूक नागरिक और विधायक के रूप में लिख रहे हैं, जो उनके (सम्मेलन में भाग लेने वाली हस्तियों के) विद्वतापूर्ण, सार्वजनिक योगदान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को लेकर लंबे समय से उनके प्रशंसक रहे हैं।

चेन्निथला ने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में, ऐसा निमंत्रण सराहनीय होता क्योंकि बौद्धिक जुड़ाव से ही लोकतंत्र मजबूत होता है और सरकारों को स्वतंत्र विद्वानों व सार्वजनिक विचारकों द्वारा परखा जाना चाहिए।

उन्होंने हालांकि तर्क दिया कि केरल का वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य सामान्य से बहुत अलग है।

कांग्रेस नेता ने विधानसभा चुनाव नजदीक होने का हवाला देते हुए तर्क दिया कि यह सम्मेलन एक अकादमिक मंच से अधिक एक ‘सुनियोजित प्रयास’ प्रतीत होता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इसका उद्देश्य सत्तारूढ़ सरकार के लिए नैतिक वैधता पुनः प्राप्त करना है, जिसका लोकतांत्रिक स्वतंत्रता, संस्थागत अखंडता और सार्वजनिक जवाबदेही के मामले में रिकॉर्ड ‘लगातार आलोचनाओं के घेरे में है’।

चेन्निथला ने खुले पत्र में चेतावनी दी कि वैश्विक स्तर पर सम्मानित बुद्धिजीवियों की भागीदारी, चाहे उनका इरादा कुछ भी हो, सत्तारूढ़ शासन के समर्थन के रूप में प्रस्तुत की जा सकती है।

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