भारत-ईयू एफटीए भारतीय वाहन कलपुर्जा कंपनियों को यूरोपीय बाजारों तक बेहतर पहुंच देगा: इक्रा

0
ICRA

नयी दिल्ली, छह फरवरी (भाषा) भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) एफटीए से दोनों पक्षों के बीच प्रतिस्पर्धी गतिशीलता और बाजार पहुंच के फिर से परिभाषित होने की उम्मीद है। रेटिंग एजेंसी इक्रा की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है।

इसके मुताबिक, मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से भारतीय वाहन और कलपुर्जा निर्यात के लिए यूरोपीय बाजारों तक बेहतर पहुंच मिलेगी, जिससे इस क्षेत्र की दीर्घकालिक वृद्धि संभावनाओं को मदद मिलेगी।

रिपोर्ट में कहा गया कि इससे ‘प्रीमियम’ वाहनों के आयात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, लेकिन व्यापक बाजार में इसका असर सीमित रहेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोपीय संघ में बने वाहनों (सीबीयू) पर शुल्क में भारी कटौती होने की उम्मीद है, जो एक निश्चित कोटा के तहत 15,000 यूरो प्रति वाहन से ऊपर की आयात कीमत पर 110 प्रतिशत से घटकर 10 प्रतिशत तक आ सकता है। इससे भारत का कार बाजार यूरोपीय मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) के लिए खुल जाएगा।

रिपोर्ट में बताया गया कि कम शुल्क से बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज, ऑडी और पोर्श जैसे यूरोपीय ब्रांड के लिए पहुंच में सुधार होने की उम्मीद है, जिससे भारत के तेजी से विस्तार करते वाहन बाजार में प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण और वृद्धि के नए अवसर मिलेंगे।

हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि व्यापक बाजार खंड पर इसका सीमित प्रभाव पड़ेगा और शुल्क कटौती से केवल प्रीमियम आंतरिक दहन इंजन (आईसीई) वाहनों को लाभ होने की संभावना है, जबकि छोटी और मध्यम खंड की कारें (जो भारतीय बाजार का एक बड़ा हिस्सा हैं) काफी हद तक अप्रभावित रहेंगी।

इसके अतिरिक्त, इलेक्ट्रिक वाहनों पर शुल्क पहले पांच वर्षों तक अपरिवर्तित रहेगा। बहरहाल, इस समझौते में बाजार में प्रतिस्पर्धी तीव्रता को कुछ हद तक मामूली रूप से बढ़ाने की क्षमता है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *