प्रधानमंत्री ने भारतीय पौराणिक कथाओं पर आधारित गेम बनाने को कहा

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नयी दिल्ली, छह फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि गेमिंग केवल रुचि नहीं, बल्कि कौशल भी है और स्कूली बच्चों को भारतीय संस्कृति से जुड़ी पौराणिक कहानियों पर आधारित गेम विकसित करने चाहिए, लेकिन डेटा सस्ता होने की वजह से केवल मस्ती के लिए गेमिंग नहीं करनी चाहिए।

वार्षिक ‘परीक्षा पे चर्चा’ के दौरान स्कूली छात्रों से बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि ध्यान, संतुलन और नैतिक मूल्यों के साथ अपनाया जाए, तो गेमिंग एक उपयोगी कौशल और करियर का रास्ता बन सकता है। हालांकि, उन्होंने छात्रों को ऑनलाइन सट्टेबाज़ी से जुड़े खेलों से दूर रहने की चेतावनी भी दी।

उन्होंने कहा, ‘‘गेमिंग में गति होती है। आपकी इतनी सतर्कता एक प्रकार से स्वयं के विकास के लिए भी अच्छी बात है। लेकिन सर्वश्रेष्ठ गुणवत्ता के गेम खोजकर अपनी विशेषज्ञता पाने का प्रयास करना चाहिए।’’

मोदी ने विद्यार्थियों से कहा, ‘‘भारत के अंदर इतनी कथा-कहानियां हैं। आपने कभी सोचा है कि पंचतंत्र पर एक गेम बनाऊं। घर के लोगों को अच्छा लगेगा, तो वो कहेंगे कि हनुमान जी वाली कथा है ना, उस पर गेम बनाओ। फिर कहेंगे अभिमन्यु वाली वो घटना है, गेम बनाओ, कैसे अभिमन्यु बाहर निकलेगा? तो आपको नए-नए विचार आएंगे।’’

उन्होंने कह, ‘‘इसलिए गेमिंग में आपकी रुचि है, अच्छी चीज है। लेकिन टाइम पास के लिए और डेटा सस्ता है तो बस लगे रहो, ऐसे ही मस्ती के लिए खेलना। ऐसा नहीं करना। हमें (ऑनलाइन गेमिंग में) जुआ अपने देश में नहीं होने देना है। मैंने अभी गेम में जुआ खेलने के खिलाफ कानून बनाया है।’’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ऐसा नहीं होने देना, लेकिन गेमिंग एक कौशल है और उसमें गति भी होती है।’’