नीतिगत दर को स्थिर बनाये रखने से मकान खरीदने के लिए ग्राहकों को मिलेगा प्रोत्साहन: रियल एस्टेट

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नयी दिल्ली, छह फरवरी (भाषा) रियल एस्टेट उद्योग तथा विशेषज्ञों ने शुक्रवार को कहा कि आरबीआई के नीतिगत दर को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखने से ग्राहकों की मकान खरीदने और डेवलपर की नई परियोजना लाने की धारणा को बल मिलेगा।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने उम्मीद के मुताबिक नीतिगत दर रेपो को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा। महंगाई में नरमी, वृद्धि को लेकर चिंता दूर होने के साथ बजट में सरकारी खर्च में वृद्धि तथा अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर बनी सहमति के बाद शुल्क को लेकर दबाव कम होने के बीच नीतिगत दर को यथावत रखने की उम्मीद की जा रही थी।

रियल एस्टेट क्षेत्र के शीर्ष निकाय नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (नारेडको) के अध्यक्ष प्रवीण जैन ने कहा, ‘‘ घरेलू आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं और वृद्धि का परिदृश्य सकारात्मक है। इस समय ब्याज दरों को स्थिर बनाए रखना मकान खरीदने वालों को खरीदारी का फैसला लेने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इससे डेवलपर को भी ग्राहकों की मांग को पूरा करने के लिए नई परियोजनाएं शुरू करने का प्रोत्साहन मिलेगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ ऐसे समय में, जब केंद्र सरकार ने आम बजट में पांच लाख या उससे अधिक आबादी वाले शहरों के विकास पर विशेष जोर दिया है, स्थिर ब्याज दरें छोटे व मझोले शहरों को उल्लेखनीय बढ़ावा दे सकती हैं। कुल मिलाकर यह फैसला रियल एस्टेट क्षेत्र और देश की अर्थव्यवस्था के लिए स्थिरता एवं सतत वृद्धि का बढ़ावा देने वाला है।’’

क्रेडाई (कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) के अध्यक्ष शेखर पटेल ने कहा कि रेपो दर को बरकरार रखने का फैसला वैश्विक मुद्रा की अस्थिरता और बॉन्ड प्रतिफल के दबाव के बीच नीतिगत स्थिरता प्रदान करता है। यह निरंतरता रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए सकारात्मक है, जहां वित्तपोषण लागत को लेकर निश्चितता, मांग और निवेश धारणा को बनाए रखने के लिए आवश्यक है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ जैसे-जैसे नकदी की स्थिति सामान्य हो रही है, स्थिर ब्याज दर व्यवस्था विभिन्न क्षेत्रों में संतुलित वृद्धि को समर्थन देती है। व्यापक आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप समय के साथ संतुलित मौद्रिक नरमी से आवास खरीदने की मांग में और सुधार हो सकता है।’’

रियल एस्टेट से जुड़ी सेवाएं देने वाली सीबीआरई के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, पश्चिम एशिया व अफ्रीका) अंशुमान मैगजीन ने कहा, ‘‘ केंद्रीय बैंक का रेपो दर को यथावत रखने का फैसला बदलते व्यापक आर्थिक हालात के बीच संतुलित रुख को दर्शाता है।… यह घोषणा मांग में जारी सुधार और स्थिर वृद्धि के परिदृश्य को दर्शाती है, जिससे रियल एस्टेट, विनिर्माण एवं अवसंरचना जैसे क्षेत्रों के लिए बाजार का भरोसा मजबूत होता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ विशेष रूप से रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए यह कदम स्थिरता का संकेत देता है और डेवलपर एवं मकान खरीदारों को फैसला लेने की समझ प्रदान करता है। ’’

गौड़ ग्रुप के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) मनोज गौड़ ने कहा, ‘‘ दरों का यथावत रखने का फैसला उम्मीद के मुताबिक है। दुनिया की आर्थिक स्थिति, भारत-यूरोपीय संघ के बीच व्यापार समझौता और भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बनी सहमति तथा खुदरा महंगाई का फरवरी 2024 से चार प्रतिशत से नीचे रहना…ये सभी बातें देश की वृद्धि के लिए अच्छी हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इससे संपत्ति बनाने और खरीदने की मांग बढ़ेगी, जिसका सीधा फायदा रियल एस्टेट क्षेत्र को मिलेगा।’’

सिग्नेचर ग्लोबल (इंडिया) लिमिटेड के संस्थापक एवं चेयरमैन प्रदीप अग्रवाल ने कहा, ‘‘ वर्तमान आर्थिक माहौल में आरबीआई के रेपो दर को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने का निर्णय रियल एस्टेट जैसे ब्याज-दर पर निर्भर क्षेत्रों के लिए जरूरी स्थिरता प्रदान करता है। महंगाई नियंत्रण में बनी हुई है और पहले की गई ब्याज दर कटौतियों का लाभ मकान खरीदारों को कर्ज की कम लागत के रूप में मिल रहा है।’’

मिगसन ग्रुप के प्रबंध निदेशक यश मिगलानी ने कहा, ‘‘रेपो दर स्थिर रहने से आवास ऋण की ईएमआई लगभग पहले जैसी ही रहेगी, जिससे घर खरीदने की मांग बनी रहेगी। जब ब्याज दरों में स्थिरता होती है, तो बैंकों और डेवलपर दोनों को कर्ज और परियोजनाओं की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलती है।’’

साया ग्रुप के प्रबंध निदेशक विकास भसीन ने कहा, ‘‘ नीतिगत दरों को यथावत रखने का भारतीय रिजर्व बैंक का फैसला आवास क्षेत्र के लिए सकारात्मक एवं भरोसा बढ़ाने वाला संकेत है। ब्याज दरों में स्थिरता मकान खरीदने के फैसलों में अहम भूमिका निभाती है क्योंकि इससे अनिश्चितता कम होती है और अंतिम उपभोक्ताओं तथा निवेशकों दोनों का भरोसा बढ़ता है।’’

भसीन ने कहा कि वास्तविक खरीदारों के लिए यह फैसला दीर्घकालिक मूल्य, बेहतर किफायत और खरीद योजना बनाने में अधिक स्पष्टता प्रदान करता है।

अंसल हाउसिंग निदेशक कुशाग्र अंसल ने कहा, ‘‘ रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए यह समय बेहद अहम है। ऐसे में आरबीआई का फैसला उधारी लागत में स्थिरता और स्पष्टता मांग को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगा। कुल मिलाकर, यह नीतिगत रुख बाजार का भरोसा मजबूत करता है और आवासीय रियल एस्टेट की दीर्घकालिक वृद्धि के लिए एक सकारात्मक आधार प्रदान करता है।’’

कृष्णा ग्रुप एवं क्रिसुमी कॉरपोरेशन के चेयरमैन अशोक कपूर ने कहा, ‘‘ रेपो दर को यथावत रखने का निर्णय नीतिगत स्थिरता को मजबूती देता है और आवासीय बाजार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करता है। स्थिर ब्याज दरों का माहौल मकान खरीदारों को दीर्घकालिक निवेश निर्णय, अधिक विश्वास और स्पष्टता के साथ लेने में सक्षम बनाता है। ’’

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