केरल उच्च न्यायालय ने शबरिमला सोना चोरी मामले में एसआईटी की जांच पर संतोष व्यक्त किया

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तिरुवनंतपुरम, चार फरवरी (भाषा) केरल उच्च न्यायालय ने बुधवार को टिप्पणी की कि शबरिमला मंदिर से कथित तौर पर सोना चोरी होने के मामले की एसआईटी की जांच अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है और फिलहाल जांच को केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने की कोई आवश्यकता नहीं है।

अदालत ने ये टिप्पणियां उन याचिकाओं के एक समूह की सुनवाई के दौरान कीं, जिनमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर की एक याचिका भी शामिल थी, जिसमें जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की गई थी।

अदालत के सूत्रों के अनुसार, न्यायमूर्ति राजा विजयराघवन वी और के वी जयकुमार की पीठ ने कहा कि वह विशेष जांच दल (एसआईटी) के काम से अवगत है।

ये टिप्पणियां कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के लिए एक झटका होंगी, जो दावा कर रहा है कि मुख्यमंत्री कार्यालय एसआईटी में हस्तक्षेप और दबाव डाल रहा था, जिसके कारण आरोप पत्र दाखिल करने में देरी हुई।

इस मुद्दे पर यूडीएफ राज्य विधानसभा में विरोध प्रदर्शन कर रहा है और मंगलवार और बुधवार को उसने सदन के कामकाज को बाधित किया।

इसी बीच, अदालत ने जांच के संबंध में सकारात्मक रुख अपनाते हुए सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ के इस दावे का समर्थन किया कि जांच सही ढंग से आगे बढ़ रही है।

सूत्रों के अनुसार, पीठ ने यह भी कहा कि एसआईटी एक अच्छी इकाई है जिसमें सक्षम अधिकारी हैं और वे उनके काम पर सवाल उठाकर उनका मनोबल नहीं गिराएंगे।

अदालत ने यह भी कहा कि वह जांच पर सक्रिय रूप से नजर रख रही है और एसआईटी द्वारा उजागर की गई सभी बातों से अवगत है।

एसआईटी शबरिमला स्थित भगवान अयप्पा मंदिर के द्वारपाल (संरक्षक देवता) की मूर्तियों और श्रीकोविल (गर्भगृह) के दरवाजों से कथित तौर पर सोने की चोरी से संबंधित दो मामलों की जांच कर रही है।

इन मामलों में अब तक 12 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और गिरफ्तार आरोपियों में से तीन को निर्धारित 90 दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल करने में देरी के कारण वैधानिक जमानत पर रिहा कर दिया गया है।

मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को भी दोनों मामलों में वैधानिक जमानत मिल गई है और जमानत बांड जमा करने के बाद उनकी रिहाई की उम्मीद है।

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