गुवाहाटी, तीन फरवरी (भाषा) अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद (एएचपी) के अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने असम में अवैध बांग्लादेशियों की पहचान के लिए डीएनए परीक्षण की मंगलवार को मांग की।
एएचपी अध्यक्ष तोगड़िया ने कहा कि अगर सरकार में इच्छाशक्ति हो, तो चाहे उसका नेतृत्व कोई भी पार्टी कर रही हो, अवैध प्रवासियों का पता लगाया जा सकता है।
उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हम मांग करते हैं कि ‘मियां’ समुदाय के लोगों की नागरिकता पात्रता निर्धारित करने के लिए डीएनए परीक्षण किए जाएं। 1951 की मतदाता सूची उपलब्ध है। इसके आधार पर वंश का पता लगाया जाए और डीएनए का मिलान किया जाए।’’
असम में बांग्ला भाषी मुसलमानों को मियां कहा जाता है, और गैर-बंगाली भाषी लोग आमतौर पर उन्हें बांग्लादेशी प्रवासी मानते हैं।
तोगड़िया ने दावा किया कि इन परीक्षणों में दो से तीन घंटे लगते हैं, और इस तरह की प्रक्रिया के लिए मशीनों की कोई कमी नहीं है।