आई-पैक छापे : न्यायालय ने ममता बनर्जी के ‘हस्तक्षेप’ के खिलाफ ईडी की याचिका पर सुनवाई स्थगित की

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नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई 10 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी, जिसमें आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत पश्चिम बंगाल सरकार ने कथित कोयला चोरी घोटाले के संबंध में आई-पैक कार्यालय और उसके निदेशक प्रतीक जैन के परिसर में उसके तलाशी अभियान में बाधा डाली।

न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की पीठ ने मामले को स्थगित कर दिया। इससे पहले ईडी की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि राज्य सरकार ने इस मामले में हलफनामे दाखिल किए हैं और समय मांगा है।

उच्चतम न्यायालय ने 15 जनवरी को कहा था कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री द्वारा ईडी की जांच में कथित ‘‘बाधा डालना बहुत गंभीर’’ विषय है और इस बात की जांच करने पर सहमति जताई कि क्या किसी राज्य की कानून प्रवर्तन एजेंसियां ​​किसी गंभीर अपराध में केंद्रीय एजेंसी की जांच में हस्तक्षेप कर सकती हैं। उसने आठ जनवरी को राजनीतिक परामर्श कंपनी आई-पैक के परिसर पर छापा मारने वाले एजेंसी के अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकियों पर रोक लगा दी।

न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में ईडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी पर रोक लगाते हुए राज्य पुलिस को छापेमारी की सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया।

उसने ईडी की उन याचिकाओं पर बनर्जी, पश्चिम बंगाल सरकार, डीजीपी राजीव कुमार और शीर्ष पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी किया था, जिनमें आई-पैक परिसर में छापेमारी में कथित तौर पर बाधा डालने के आरोप में उनके खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने का अनुरोध किया था।

ईडी ने अपनी याचिका में दावा किया है कि तलाशी स्थल पर मुख्यमंत्री की उपस्थिति और दस्तावेजों को कथित तौर पर हटाए जाने से अधिकारियों पर डराने वाला प्रभाव पड़ा और इससे संघीय जांच एजेंसी की अपने वैधानिक कार्यों को स्वतंत्र रूप से निर्वहन करने की क्षमता गंभीर रूप से प्रभावित हुई।

ईडी की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में दायर याचिका आठ जनवरी की घटनाओं के बाद आई है, जब एजेंसी ने कथित तौर पर करोड़ों रुपये के कोयला चोरी घोटाले में धन शोधन की जांच के तहत कोलकाता में आई-पैक और जैन के परिसरों की तलाशी ली थी।

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