नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार पर पश्चिम बंगाल के लोगों को ‘‘बांग्लादेशी’’ के रूप में देखने का आरोप लगाया और बजट भाषण में राज्य का उल्लेख न करने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की कड़ी आलोचना की।
बजट के बारे में पूछे जाने पर, बनर्जी ने कहा कि इसमें किसी भी समुदाय के लिए कोई समाधान नहीं है, और इसे ‘‘चेहराविहीन, आधारहीन और अदूरदर्शी बजट’’ बताया।
उन्होंने कहा, ‘‘बजट भाषण 85 मिनट लंबा था- 5,100 सेकंड का… बंगाल का ज़िक्र तक नहीं हुआ। बंगाल की बात छोड़िए; किसान, युवा…किसी के लिए भी कुछ ठोस नहीं था।’’
बनर्जी ने कहा, ‘‘वे एआई, स्किल इंडिया, तकनीकी प्रगति की बात करते हैं; युवाओं को रोजगार कैसे मिलेगा, रोजगार कैसे पैदा होगा, इस बारे में कोई चर्चा नहीं है। किसानों की आय बढ़ाने के बारे में कुछ नहीं है, किसी भी समुदाय के लिए कुछ नहीं है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह केंद्र सरकार और उसके मंत्री हैं, जिन्होंने बजट पेश किया, वही हमें बांग्लादेशी कहते हैं। बजट में बंगाल का तो ज़िक्र तक नहीं किया गया। जल जीवन मिशन का पैसा रोक दिया गया है, उन्होंने पुराने वादे भी पूरे नहीं किए हैं।’’
तृणमूल नेता ने कहा, ‘‘हमें इस सरकार से कोई उम्मीद नहीं है, जिस तरह से उन्होंने 2020 से बंगाल के लोगों पर अत्याचार किए हैं… उन्हें पता है कि वे राज्य में हारने वाले हैं।’’
उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण को ‘‘स्व-मूल्यांकन रिपोर्ट’’ करार दिया। बनर्जी ने कहा, ‘‘सरकार अपने बजट का बचाव करेगी; मेरे हिसाब से तो यह उसके अपने जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार की गई स्व-मूल्यांकन रिपोर्ट जैसी है। इसमें किसी को भी कोई ठोस समाधान नहीं दिया गया है।’’