दुबई, एक फरवरी (एपी) ईरान की संसद के अध्यक्ष ने रविवार को कहा कि इस्लामी गणराज्य अब यूरोपीय संघ की सभी सेनाओं को आतंकवादी संगठन मानता है।
उनका यह कड़ा बयान उस फैसले के बाद आया है, जिसमें यूरोपीय संघ ने देशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों पर की गई खूनी कार्रवाई को लेकर ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड को आतंकवादी संगठन घोषित किया था।
संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर क़ालिबाफ द्वारा की गई यह घोषणा मुख्यत: प्रतीकात्मक मानी जा रही है। ईरान 2019 में पारित एक कानून के तहत पहले भी अमेरिका द्वारा रिवोल्यूशनरी गार्ड को आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने के जवाब में अन्य देशों की सेनाओं को आतंकवादी संगठन करार दे चुका है।
हालांकि, यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव काफी बढ़ा हुआ है और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं।
इस बीच, इस्लामी गणराज्य ने रविवार और सोमवार को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज़ जलडमरूमध्य में सैन्य अभ्यास करने की भी योजना बनाई है। वैश्विक तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा फारस की खाड़ी के इस संकरे मुहाने से होता है।
कालिबाफ ने यह घोषणा संसद में उस समय की, जब वह और अन्य सांसद रिवोल्यूशनरी गार्ड के समर्थन में उसकी वर्दी पहने हुए थे। रिवोल्यूशनरी गार्ड ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल शस्त्रागार को भी नियंत्रित करता है और देश की अर्थव्यवस्था में उसकी व्यापक हिस्सेदारी है। यह बल सीधे तौर पर ईरान के 86 वर्षीय सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली ख़ामेनेई के प्रति जवाबदेह है।
सत्र के दौरान सांसदों ने ‘‘अमेरिका मुर्दाबाद’’ और ‘‘इज़राइल मुर्दाबाद’’ के नारे भी लगाए।