हम जो कुछ खाते हैं उसके पाचन के पश्चात कुछ विषैले पदार्थ शरीर में ही रह जाते हैं। हमारा शरीर उन्हें स्वयं ही बाहर निकाल सकता है यदि इसे आवश्यक आराम और सही भोजन दिया जाए तो। शरीर डिटाक्सिफिकेशन के लिए हमें एलोवेरा का नियमित प्रयोग करना चाहिए। एक चम्मच एलोवेरा जैल को नारियल पानी के साथ या सादे पानी के साथ सुबह खाली पेट लेना चाहिए। इससे हमारे शरीर का अतिरिक्त अम्ल भी समाप्त होता है। हमने अपने भोजन से देसी घी को लगभग निकाल सा दिया है। घी बाइल को हमारे लिवर से बाहर निकाल कर लिवर की सफाई करता है जिससे पित्त शांत होता है। घी हमारी आंतों की सफाई करके विषैले पदार्थ बाहर निकालता है। जामुन खाने से भी हमारा रक्त साफ होता है और शरीर शुद्ध होता है। इससे हमारे रक्त में शर्करा की मात्रा संतुलित होती है। दही खाना भी हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। इससे हमारे पेट में और आंतों में अच्छे बैक्टीरिया की वृद्धि होती है इसलिए पाचन क्रिया बनाए रखने के लिए नियमित दही खाना बहुत लाभदायक है। दही रात को नहीं, दिन में खाना चाहिए। आयुर्वेद में खिचड़ी को एक संपूर्ण भोजन के रूप में मान्यता दी गई है। शुद्धि क्रियाओं पंचकर्मा के पश्चात खाने को खिचड़ी ही दी जाती है। यह पौष्टिक भी होती है और आसानी से हजम भी हो जाती है।