हार्टफेल हो जाने से जितनी मौतें होती हैं उतनी ही मोटापे के कारण भी। विशेषज्ञों का मानना है कि मोटापा व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए उतना ही हानिकारक है जितना व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए ’हार्टफेल‘ हो जाना। यही नहीं, एक शोध में यह भी पाया गया कि मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति दवाइयों पर भी सामान्य वजन वाले व्यक्ति से अधिक खर्चा करता है। विलियम बयोमोंट हास्पिटल के विशेषज्ञ पीटर मेककोलोग ने अपने शोध में 43 बहुत अधिक मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति, 235 हार्टफेल से ग्रस्त रोगी और 222 ऐसे व्यक्ति जो मोटापे से ग्रस्त थे पर बहुत कम, का तुलनात्मक अध्ययन किया। जो व्यक्ति बहुत अधिक मोटापे से ग्रस्त थे, उनका वजन सामान्य से 45 किलो अधिक था, इस अध्ययन में विशेषज्ञों ने पाया कि ये व्यक्ति सामान्य वजन वाले व्यक्तियों से लगभग 15 वर्ष पहले ही मृत्यु का ग्रस्त बन गए। हार्ट फेल से ग्रस्त व्यक्तियों में भी आधे से अधिक पांच वर्ष के भीतर ही मृत्यु का ग्रास बन गए। इसलिए विशेषज्ञों का मानना है कि मोटापे पर नियंत्रण बहुत आवश्यक है नहीं तो व्यक्ति अपनी आयु सीमा खुद ही कम कर लेगा।