मुंबई, 25 जनवरी (भाषा) गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर महाराष्ट्र पुलिस के कुल 75 कर्मियों को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित करने की घोषणा की गई, जिनमें से 31 गढ़चिरौली के हैं, जिन्हें नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में अदम्य साहस दिखाने के लिए सम्मानित किया गया है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने परंपरा के अनुसार गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देश भर की पुलिस, अग्निशमन, होम गार्ड और नागरिक सुरक्षा इकाइयों के 982 कर्मियों को सम्मानित करने की घोषणा की। इसके मुताबिक, इनमें से 101 जवानों को राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक (पीएसएम) और 756 को सराहनीय सेवा पदक (एमएसएम) से सम्मानित किया जाएगा।
अधिकारी ने बताया कि गढ़चिरौली पुलिस के 31 कर्मियों में नायक कांस्टेबल बिटाजी वेलाडी (वीरता पदक) और कांस्टेबल करे इरपा अतराम शामिल हैं, जिन्होंने वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई में अपनी जान गंवाई थी।
उन्होंने बताया कि कांस्टेबल मोहन लच्छू उसेंडी, सहायक निरीक्षक अमोल फडतारे, सहायक उपनिरीक्षक वासुदेव मडावी, मधुकर नैतम, पुलिस नायक संतोष नैतम और विश्वनाथ सदमेक भी राष्ट्रपति की ओर से सम्मानित होने वाले जवानों में शामिल हैं।
अधिकारी ने बताया, ‘‘अतिरिक्त पुलिस आयुक्त महेश पाटिल, डीसीपी बालकृष्ण यादव, एसीपी साइरस बोमन ईरानी और विट्ठल कुबादे को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया है। मुंबई पुलिस के डीसीपी यादव सीसीटीवी निगरानी और डायल 100/112 परियोजनाओं को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उन्हें पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया टीम और फोर्स वन कमांडो यूनिट के लिए रेडियो ट्रंकिंग सिस्टम और सामरिक संचार को लागू करने का श्रेय दिया जाता है।’’
उन्होंने बाताया कि पुलिस महानिरीक्षक राजीव जैन, सुधीर हीरेमठ, आतंकवाद-रोधी दस्ते (एटीएस) की पुलिस अधीक्षक शीला सैल, सिंधुदुर्ग जिले में तैनात पुलिस अधीक्षक मोहन दहिकर, डीसीपी (साइबर) पुरुषोत्तम करम, एसीपी महेश तावडे, नीलम वावल और अतिरिक्त एसपी किरण पाटिल सहित 40 अधिकारियों को उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित किया जाएगा।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, वीरता पदक उस व्यक्ति को दिया जाता है जिसने जीवन और संपत्ति की रक्षा करने, अपराध को रोकने या अपराधियों को गिरफ्तार करने में असाधारण और विशिष्ट वीरतापूर्ण कार्य किया हो, और इस कार्य में शामिल जोखिम का आकलन संबंधित अधिकारी के दायित्वों और कर्तव्यों को ध्यान में रखते हुए किया जाता है।