तिरुवनंतपुरम, 25 जनवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरल इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने रविवार को कहा कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को शबरिमला में सोना चोरी मामले के मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी के साथ अपनी मुलाकात के पीछे के एजेंडे का खुलासा करना चाहिए।
यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर ने सोनिया गांधी और पोट्टी की एक तस्वीर दिखाई तथा दोनों की मुलाकात के उद्देश्य पर सवाल उठाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह बैठक उस समय हुई थी जब सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष थीं और ओमन चांडी केरल के मुख्यमंत्री थे।
चंद्रशेखर ने पूछा, ‘‘सोनिया गांधी और कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि बैठक के पीछे क्या एजेंडा था।’’
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने पोट्टी के साथ इसी तरह की मुलाकात की थी, लेकिन अभी तक इस बारे में कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।
भाजपा नेता ने दावा किया कि कांग्रेस जहां एक ओर इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और जमात-ए-इस्लामी जैसे संगठनों को धर्मनिरपेक्ष के रूप में पेश करती है, वहीं दूसरी ओर उसने दिल्ली में शबरिमला से सोना चुराने के आरोपी व्यक्ति के साथ बैठकें भी कीं।
चंद्रशेखर ने आरोप लगाया, ‘‘सोनिया गांधी, कांग्रेस और पोट्टी के बीच क्या संबंध है? हम शुरू से कहते आ रहे हैं कि पिछले 15 वर्षों से सोने की चोरी हो रही है। सोनिया गांधी की पोट्टी से मुलाकात की तस्वीर इसका स्पष्ट प्रमाण है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि न केवल विजयन बल्कि सोनिया गांधी और कांग्रेस ने भी पोट्टी को बढ़ावा दिया था।
चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री पर स्थानीय स्वशासन संस्थानों के लोकपाल के रूप में पूर्व उप लोकायुक्त की नियुक्ति करके नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि पूर्व न्यायमूर्ति बाबू मैथ्यू पी जोसेफ की लोकपाल के रूप में नियुक्ति केरल लोकायुक्त अधिनियम, 1999 की धारा 5(3) का उल्लंघन करती है, जो किसी पूर्व लोकायुक्त या उप लोकायुक्त को सरकार के अधीन लाभ का कोई भी पद धारण करने से रोकती है।
चंद्रशेखर ने कहा कि इस संबंध में शनिवार को केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को एक ज्ञापन सौंपा गया था।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण को मुख्यमंत्री द्वारा आधिकारिक अभिलेखों में एक अलग संस्करण से बदल दिया गया था।
चंद्रशेखर ने पूछा, ‘‘यहां क्या हो रहा है? क्या कोई व्यवस्था नहीं है? क्या संविधान को भुला दिया गया है?’’
भाजपा नेता ने कहा कि राज्यपाल जो कुछ भी बोलते हैं उसे विधानसभा के रिकॉर्ड में शामिल किया जाना चाहिए और सरकार के हितों को दर्शाने वाले अनुच्छेद (पैराग्राफ) से उसे बदलना गलत है।
उन्होंने कहा कि माकपा सांसद संविधान की रक्षा की बात करते हैं जबकि इस तरह की कार्रवाइयां हो रही हैं। चंद्रशेखर ने दावा किया, ‘‘भारत में पहली बार राज्यपाल के अभिभाषण में संशोधन का कृत्य सामने आया है।’’