बजट में नीतिगत निरंतरता, सीमा शुल्क सुधारों पर ध्यान दे सरकार: स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन

0
sde32wqsa

नयी दिल्ली, 25 जनवरी (भाषा) स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया के प्रबंध निदेशक (एमडी) एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पीयूष अरोड़ा का कहना है कि आगामी आम बजट में नीतिगत निरंतरता, अवसंरचना का विकास और इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना ऑटोमोबाइल क्षेत्र की रफ्तार बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण होगा।

स्कोडा, फॉक्सवैगन, ऑडी, बेंटले, लैंबॉर्गिनी और पोर्श जैसे छह ब्रांड के भारतीय परिचालन का प्रबंधन करने वाले पुणे स्थित इस समूह ने वैश्विक एकीकरण को समर्थन देने के लिए सीमा शुल्क सुधारों और द्विपक्षीय व्यापार समझौतों के महत्व पर भी जोर दिया।

अरोड़ा ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ बातचीत में कहा कि पिछले साल पेश किए गए जीएसटी सुधारों से घरेलू यात्री वाहन उद्योग में सुधार हुआ है।

उन्होंने कहा, “उस दृष्टिकोण से, यदि आगामी बजट में इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र के कुछ महत्वपूर्ण शुल्कों से जुड़ी समस्याओं को दूर किया जाता है, तो इससे मदद मिलेगी। हमारे क्षेत्र के लिए नीतिगत निरंतरता के साथ अवसंरचना के विकास और ईवी पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण पर और अधिक ध्यान देना अत्यंत महत्वपूर्ण है।”

अरोड़ा ने कहा कि सीमा शुल्क सुधारों से बहुराष्ट्रीय कंपनियों को निर्यात और आयात दोनों को प्रबंधित करने में मदद मिलेगी।

विनियामक मुद्दों पर उन्होंने कॉर्पोरेट औसत ईंधन अर्थव्यवस्था (सीएएफई) के नवीनतम मानदंडों की अंतिम अधिसूचना में देरी की ओर इशारा किया और कहा कि एक स्पष्ट रूपरेखा और विभिन्न प्रौद्योगिकियों के बीच एकरूपता एक स्वागत योग्य कदम होगा।

भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते पर अरोड़ा ने कहा कि इससे समूह के ब्रांडों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं।

उन्होंने कहा, “द्विपक्षीय व्यापार समझौते उत्पादों और प्रौद्योगिकियों को संबंधित बाजार में तेजी से लाने में मदद करते हैं।”

हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समूह की मुख्य रणनीति भारत में ही स्थानीय स्तर पर उत्पादों का विकास और निर्यात करना है।

स्थानीयकरण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि कंपनी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए प्रासंगिक उत्पाद बनाना जारी रखेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *