श्रीनगर, 23 जनवरी (भाषा) जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को कहा कि तेज हवाओं और भारी बर्फबारी के कारण घाटी में बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है और इसे बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
अब्दुल्ला ने कहा कि घाटी में इस समय सक्रिय बिजली लोड 100 मेगावाट से भी कम है, जबकि सामान्य परिस्थितियों में यह लगभग 1700 मेगावाट होता है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने आधिकारिक हैंडल पर कहा, ‘‘कश्मीर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (केपीडीसीएल) के अनुसार, घाटी में सक्रिय बिजली लोड सामान्य 1700 मेगावाट के मुकाबले 100 मेगावाट से भी कम है। इसका मुख्य कारण 33 किलोवोल्ट (केवी) की लगभग सभी मुख्य आपूर्ति लाइन का बंद होना है, जिनमें आपातकालीन सेवाओं को बिजली आपूर्ति करने वाली मुख्य लाइन भी शामिल हैं।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली व्यवस्था को ठीक करने के लिए अलग-अलग टीम लगातार काम कर रही हैं, लेकिन विभिन्न लाइन पर बड़े पैमाने पर पेड़ों का गिरना और तेज हवाओं की स्थिति बिजली आपूर्ति बहाली के काम में बड़ी बाधा बनी हुई है।
अब्दुल्ला ने बताया, ‘‘नुकसान का आकलन किया जा रहा है, लेकिन मौजूदा मौसम की स्थिति के कारण इसमें कुछ समय लग सकता है।’’
श्रीनगर सहित घाटी के कई स्थानों पर कल रात तेज हवाएं चलीं, जिससे कहीं पेड़ उखड़ गये तो कुछ इलाकों में बिजली के खंभे एवं मकानों की छतें क्षतिग्रस्त हो गईं। इतना ही नहीं, बिजली की लाइन भी टूट गईं।
घाटी के कुछ स्थानों पर कई घरों, ढांचों और वाहनों को भी नुकसान हुआ है। ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर सहित घाटी के कई इलाकों में बिजली गुल हो गई है, लेकिन बहाली का काम जारी है।