जयराम रमेश ने पर्यावरणीय मंज़ूरियों को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी

0
sdewqswq

नयी दिल्ली, 23 जनवरी (भाषा) कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने ‘एक्स पोस्ट फैक्टो’ (कार्योत्तर) पर्यावरणीय मंज़ूरियों को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की है।

उन्होंने दावा किया कि पिछली तारीख से दी जाने वाली पर्यावरणीय मंज़ूरियां क़ानून की नज़र में गलत हैं।

‘एक्स पोस्ट फैक्टो’ पर्यावरणीय मंजूरी का मतलब बिना पूर्व अनुमति के शुरू हो चुकी औद्योगिक परियोजनाओं को बाद में वैधानिक मंजूरी देना है।

पूर्व पर्यावरण मंत्री रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘29 दिसंबर 2025 को अरावली की पुनर्परिभाषा पर दिए गए अपने पहले के फैसले की उच्चतम न्यायालय द्वारा की गई समीक्षा से उत्साहित होकर, मैंने अब उच्चतम न्यायालय में ‘एक्स पोस्ट फैक्टो’ (कार्योत्तर) पर्यावरणीय मंज़ूरियों को चुनौती देते हुए एक याचिका दायर की है।’’

उनका कहना है कि पिछली तारीख से दी जाने वाली पर्यावरणीय मंज़ूरियां क़ानून की नज़र में गलत हैं, जन-स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं और शासन व्यवस्था का मज़ाक बनाती हैं।

रमेश ने कहा, ‘‘ये उन लोगों को आसान रास्ता देती हैं जो जानबूझकर नियमों का उल्लंघन करते हैं। क़ानून की अनभिज्ञता, उसका उल्लंघन करने का कोई बहाना नहीं हो सकती।’’

उच्चतम न्यायालय ने अपने 20 नवंबर के फैसले में दिए गए उन निर्देशों को बीते 29 दिसंबर को स्थगित रखने का आदेश दिया था, जिसमें अरावली पहाड़ियों और पर्वतमाला की एक समान परिभाषा को स्वीकार किया गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *