डब्ल्यूईएफ 2026: अदाणी समूह ने भारत के लिए छह लाख करोड़ रुपये के निवेश की योजना की प्रस्तुत

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दावोस, 21 जनवरी (भाषा) अदाणी समूह ने विमानन, स्वच्छ ऊर्जा, शहरी अवसंरचना, डिजिटल मंचों और उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों में छह लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की रूपरेखा पेश की है।

इससे भारत की वृद्धि प्राथमिकताओं के अनुरूप निजी पूंजी के बड़े पैमाने पर निवेश के नए चरण का संकेत मिलता है।

दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की 56वीं वार्षिक बैठक में अपनी योजनाएं प्रस्तुत करते हुए समूह ने कहा कि यह निवेश महाराष्ट्र, असम और झारखंड में किया जाएगा। यह अलग-अलग परिसंपत्तियों के निर्माण से हटकर एकीकृत, प्रौद्योगिकी आधारित अवसंरचना मंचों की ओर रणनीतिक बदलाव को दर्शाता है।

समूह ने असम में गुवाहाटी के लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को केंद्र में रखते हुए विमानन एवं वैमानिकी परिवेश के विस्तार की जानकारी दी। इस हवाई अड्डे के नए टर्मिनल का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिसंबर 2025 में किया था। इसका परिचालन अगले महीने शुरू होने की उम्मीद है।

योजनाओं में आतिथ्य एवं खुदरा अवसंरचना, ‘लेवल-डी फुल-फ्लाइट सिमुलेटर’ के साथ विमानन प्रशिक्षण अकादमी तथा चौड़े व संकीर्ण विमानों के लिए रखरखाव, मरम्मत (एमआरओ) सुविधाएं शामिल हैं। इससे गुवाहाटी को पूर्वोत्तर के लिए क्षेत्रीय विमानन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा।

समूह ने असम के कार्बी आंगलोंग और दीमा हसाओ जिलों में बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की भी घोषणा की जिनसे 2,700 मेगावाट से अधिक सौर क्षमता जुड़ेगी।

इसके पूरक निवेशों में सीमेंट विनिर्माण एवं ‘ग्राइंडिंग’ इकाइयां शामिल हैं जिनका उद्देश्य पूर्वी तथा पूर्वोत्तर भारत में निर्माण आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना है।

महाराष्ट्र में अदाणी समूह के प्रस्तावित निवेश शहरी पुनर्विकास, डिजिटल अवसंरचना और अगली पीढ़ी की ऊर्जा प्रणालियों पर केंद्रित हैं। इनमें मुंबई की धारावी पुनर्विकास परियोजना, नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (जहां 25 दिसंबर को परिचालन शुरू हुआ) तथा इससे जुड़े लॉजिस्टिक्स, वाणिज्यिक एवं आतिथ्य परिवेश शामिल है।

महाराष्ट्र में इसके अलावा 3,000 मेगावाट की संयुक्त क्षमता वाले हरित डेटा सेंटर पार्क, हवाई अड्डे के पास एकीकृत ‘एरिना’ जिला, 8,700 मेगावाट की ‘पंप्ड स्टोरेज’ जलविद्युत परियोजनाएं, कोयला गैसीकरण पहल, सेमीकंडक्टर एवं ‘डिस्प्ले फैब्रिकेशन’ सुविधाएं तथा निजी क्षेत्र की भागीदारी को लेकर सरकार के उभरते ढांचे के अनुरूप एक परमाणु ऊर्जा परियोजना भी शामिल है।

समूह ने कहा कि प्रस्तावित निवेशों का उद्देश्य रोजगार सृजन, कौशल निर्माण और प्रौद्योगिकी आधारित समावेशन को बढ़ावा देना है। साथ ही ये ऊर्जा बदलाव, विनिर्माण में आत्मनिर्भरता और क्षेत्रीय विकास जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप हैं।

डब्ल्यूईएफ में दुनिया के राजनेताओं और कारोबारी दिग्गजों के बीच अदाणी समूह की घोषणाओं ने भारत के आर्थिक विस्तार के अगले चरण को आकार देने में अवसंरचना मंचों एवं दीर्घकालिक निजी पूंजी की अहम भूमिका को रेखांकित किया।

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