दावोस, 20 जनवरी (भाषा) बड़ी परियोजनाओं के कार्यान्वयन की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए सरकार की सराहना करते हुए हिताची इंडिया के चेयरमैन भरत कौशल ने कहा कि जापान के निवेश संकल्पों को अब तेजी से पूरा किया जा रहा है।
उन्होंने विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक के दौरान पीटीआई-भाषा को बताया कि इसी वजह से अब भारत और जापान के बीच सौदों का आकार भी काफी बड़ा हो रहा है।
कौशल ने कहा कि अब ये सौदे केवल दो सरकारों तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि इक्विटी, ऋण और साझेदारी के क्षेत्रों में निजी क्षेत्र के भी कई सौदे हो रहे हैं।
भारत सरकार को श्रेय देते हुए उन्होंने कहा कि कार्यान्वयन एक ऐसा क्षेत्र है, जिसमें पिछले दशक में वास्तव में बदलाव आया है, चाहे वह भारतीय रेलवे का आधुनिकीकरण और विस्तार हो या मेट्रो शहरी परिवहन समाधान हो।
उन्होंने कहा कि इसी तरह ऊर्जा क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव आया है और अब यह व्यापक रूप से अर्थव्यवस्था के लगभग सभी पहलुओं को प्रभावित कर रहा है।
भारत में हिताची के मुख्य क्षेत्रों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि ऊर्जा और रेलवे निश्चित रूप से भारत की बड़ी सामाजिक और राजनीतिक प्राथमिकताएं हैं।
उन्होंने कहा, ”हम देख रहे हैं कि रेलवे क्षेत्र में शहरी परिवहन सहित लगभग 45-50 अरब डॉलर खर्च किए जा रहे हैं, और ऊर्जा क्षेत्र में करीब 40 अरब डॉलर खर्च हो रहे हैं।”
कौशल ने आगे बताया कि इन दोनों बड़े दांवों के अलावा, हमारा भुगतान व्यवसाय भी तेजी से बढ़ रहा है, क्योंकि इसमें एटीएम के माध्यम से नकदी और भारतीय स्टेट बैंक के साथ डिजिटल कारोबार, दोनों पक्ष शामिल हैं।
उन्होंने कहा, ”ये दोनों व्यवसाय ‘डिजिटल इंडिया’ की कहानी के प्रमुख स्तंभ बन गए हैं और दोनों में ही वृद्धि हुई है।”
भारत-जापान संबंधों पर उन्होंने कहा कि जापान और भारत के बीच आर्थिक जुड़ाव हमेशा बहुत अच्छा रहा है।