असली और नकली शहद की पहचान करने के कुछ उपाय मुख्य हैं:- कांच के एक गिलास में पानी भर कर उसमें शहद की एक बूंद टपकायें। यदि शहद तली में बैठ जाये तो शहद शुद्ध है और यदि तली में पहुंचने के पहले ही घुल जाये या फैल जाये तो शहद अशुद्ध और मिलावट वाला है। शीशी से प्लेट में धारबन्द शहद टपकाने पर यदि उसकी सांप की कुंडली जैसी बन जाये तो शहद शुद्ध है। मिलावटी शहद प्लेट में गिरते ही फैल जाता है। शुद्ध शहद सुगंधित होता है, ठंड में जम जाता है और गर्मी में पिघल जाता है जबकि मिलावटी शहद हर समय एक ही तरह का रहता है। शुद्ध शहद का दाग कपड़ों पर नहीं लगता, मिलावटी हो तो दाग लग जाता है। शुद्ध शहद देखने में पारदर्शी होता है जबकि मिलावटी शुद्ध की तुलना में कम पारदर्शी होता है। शुद्ध शहद में मक्खी गिर कर फंसती नहीं बल्कि फड़फड़ा कर उड़ जाती है। मिलावटी शहद में मक्खी फंस कर रह जायेगी। काफी कोशिश के बाद भी वह उड़ नहीं सकेगी। शुद्ध शहद आंखों में लगाने पर थोड़ी जलन होगी पर चिपचिपाहट नहीं होगी और थोड़ी देर में आंखों में ठंड़क का अनुभव होने लगता है। शहद की बूंदों की किसी धागे अथवा लकड़ी पर टपका कर आग की लौ से स्पर्श कराने पर यदि शहद जलने लगे तो यह शुद्ध है, यदि न जले तो मिलावटी है।