पणजी, 16 जनवरी (भाषा) गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने शुक्रवार को कहा कि नाइट क्लब ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ वर्षों से अलग-अलग नामों से संचालित होता रहा है और उनकी सरकार 1999 से यहां किए गए नियमों के उल्लंघन की जांच करेगी। इसी नाइट क्लब में पिछले महीने आग लगने की घटना हुई थी, जिसमें 25 लोगों की मौत हो गयी थी।
सावंत ने राज्य विधानसभा को सूचित किया कि उनकी सरकार ने आवश्यक परमिट के बिना संचालित होने वाले पर्यटन प्रतिष्ठानों पर व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि उल्लंघन करने वालों को कोई वीआईपी सुरक्षा नहीं दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने उत्तरी गोवा के अरपोरा गांव में स्थित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नामक नाइट क्लब में पिछले महीने लगी आग के संबंध में विपक्ष की ओर से पूछे गए कई सवालों का जवाब दिया। इस घटना में 25 लोगों की जान चली गई थी।
उन्होंने बताया कि ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ कुछ साल पहले एक दूसरे नाम से संचालित हो रहा था।
उन्होंने कहा, ‘‘नाइट क्लब का नाम बार-बार बदलता रहा। क्लब द्वारा किए गए उल्लंघनों की जांच 1999 (जब इसे किराये की जमीन पर स्थापित करने की अनुमति दी गई थी) से ही की जा रही है।’’
उन्होंने सदन को आश्वासन दिया कि किराये की जमीनों पर संचालित वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विपक्ष के नेता यूरी अलेमाओ ने सरकार से तटीय विनियमन क्षेत्र (सीआरजेड) कानूनों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के बारे में आंकड़े उपलब्ध कराने की मांग की।
उन्होंने तटीय क्षेत्र प्रबंधन प्राधिकरण (सीजेडएमए) पर अपना काम ठीक से न करने का आरोप लगाया।
इसपर सावंत ने कहा कि सीजेडएमए को 2021 से 2025 के बीच 534 शिकायतें प्राप्त हुई थीं और उसने अतिक्रमण-रोधी अभियान के 336 आदेश जारी किए थे।
उन्होंने कहा कि तटीय क्षेत्र प्रबंधन योजना 2011 को अंतिम रूप दे दिया गया है, जबकि तटीय क्षेत्र प्रबंधन योजना 2019 को एक वर्ष के भीतर अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
अलेमाओ और कांग्रेस विधायक अल्वारेस फरेरा द्वारा संयुक्त रूप से पूछे गए एक प्रश्न का उत्तर देते हुए सावंत ने कहा कि अवैध नाइट क्लब पर कार्रवाई के तहत उत्तरी गोवा में पर्यटन से संबंधित 47 परिसरों का निरीक्षण किया गया और इनमें से 17 को सील कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि दक्षिण गोवा में 39 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया, जिनमें से पांच को सील कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि सील किए गए 22 प्रतिष्ठान अग्निशमन और आपातकालीन सेवा विभाग से एनओसी (अनापत्ति प्रमाण-पत्र) और गोवा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से संचालन की सहमति के बिना चल रहे थे।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि वीआईपी हो या वीवीआईपी, किसी को भी सुरक्षा नहीं दी जाएगी और उन्हें अनिवार्य नियमों का पालन करना होगा।
उन्होंने कहा कि अरपोरा नाइट क्लब में लगी आग की मजिस्ट्रेट जांच पूरी हो चुकी है और तदनुसार कार्रवाई की जा रही है।
हालांकि, मुख्यमंत्री ने विधानसभा में जांच रिपोर्ट पेश करने से इनकार कर दिया और आश्वासन दिया कि इस मामले में आरोप-पत्र दाखिल होने के बाद ही रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाएगा।