श्रीराम का जीवन यह संदेश देता है कि सत्ता सेवा का माध्यम हो तथा निर्णय लोकमंगल से प्रेरित हों:पटेल

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अयोध्या/लखनऊ, 16 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शुक्रवार को कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन यह संदेश देता है कि सत्ता सेवा का माध्यम हो, शक्ति संयम से संचालित हो तथा निर्णय लोकमंगल से प्रेरित हों।

शुक्रवार को जारी एक बयान के अनुसार आनंदीबेन पटेल आज अयोध्या में महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय में आयोजित श्रीराम की 35 फीट ऊंची दिव्य प्रतिमा के अनावरण समारोह एवं भारतीय ज्ञान परंपरा आधारित शिक्षा संगोष्ठी कार्यक्रम में सम्मिलित हुईं।

इस अवसर पर अपने सम्बोधन में राज्यपाल ने कहा, “भगवान श्रीराम की यह भव्य प्रतिमा स्थापत्य कला के उत्कृष्ट उदाहरण के साथ ही सत्य, धर्म, करुणा और कर्तव्य जैसे मानव जीवन के सर्वोच्च आदर्शों की जीवंत अभिव्यक्ति है।”

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम भारत की सांस्कृतिक चेतना के केन्द्र हैं और वे सुशासन, सामाजिक समरसता एवं नैतिक नेतृत्व के कालातीत आदर्श प्रस्तुत करते हैं।

पटेल ने कहा, “प्रभु श्रीराम का जीवन यह संदेश देता है कि सत्ता सेवा का माध्यम हो, शक्ति संयम से संचालित हो तथा निर्णय लोकमंगल से प्रेरित हों।”

उन्होंने कहा, “आधुनिक विकास की दौड़ में मानवीय मूल्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और श्रीराम के आदर्श हमें यह स्मरण कराते हैं कि वास्तविक विकास नैतिकता एवं करुणा के बिना संभव नहीं है।”

बयान के अनुसार कार्यक्रम के दौरान डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या एवं महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय, अयोध्या के मध्य समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर की पहल को राज्यपाल ने अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह अकादमिक साझेदारी शैक्षणिक सहयोग, संयुक्त शोध, अनुसंधान एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान को सुदृढ़ करेगी तथा अयोध्या को ज्ञान एवं संस्कृति के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायक होगी।

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