नयी दिल्ली, 13 जनवरी (भाषा) भारत के वनस्पति तेल का आयात 2025-26 तेल वर्ष के दूसरे महीने दिसंबर 2025 में सालाना आधार पर आठ प्रतिशत बढ़कर 13.83 लाख टन हो गया। सोयाबीन तेल और सूरजमुखी तेल के आयात में वृद्धि इसकी प्रमुख वजह रही।
उद्योग जगत की संस्था सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) मंगलवार को बताया कि दुनिया के सबसे बड़े वनस्पति तेल आयातक ने दिसंबर 2024 में खाद्य एवं गैर-खाद्य तेलों सहित 12.75 लाख टन तेल खरीदा था।
एसईए के अनुसार कुल मिलाकर पाम तेल का आयात दिसंबर 2025 में 20 प्रतिशत घटकर 5.07 लाख टन रह गया जबकि 2024 की इसी अवधि में यह 6.32 लाख टन था।
आरबीडी पामोलिन का आयात दिसंबर में शून्य रहा जबकि कच्चे पाम तेल का आयात इसी अवधि में 3.26 लाख टन से बढ़कर 5.03 लाख टन हो गया।
सूरजमुखी तेल का आयात दिसंबर में 32.19 प्रतिशत बढ़कर 3.49 लाख टन हो गया जबकि 2024 की इसी अवधि में यह 2.64 लाख टन था।
सोयाबीन तेल का आयात भी उक्त अवधि में 20.23 प्रतिशत बढ़कर 4.20 लाख टन से 5.05 लाख टन हो गया।
गैर-खाद्य तेलों का आयात दिसंबर 2025 में घटकर 21,000 टन रह गया जबकि 2024 की इसी अवधि में यह 45,764 टन था।
इंडोनेशिया और मलेशिया पाम के तेल के प्रमुख आपूर्तिकर्ता हैं।
रबी या शीतकालीन तिलहन फसलों की बुवाई दो जनवरी तक 3.04 प्रतिशत बढ़कर 99.30 लाख हेक्टेयर हो गई जबकि एक वर्ष पहले यह 93.27 लाख हेक्टेयर थी।
कुल खाद्य भंडार एक जनवरी तक 17.50 लाख टन रहा जो मासिक आधार पर 16.21 लाख टन से अधिक है।