लखनऊ, 12 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को विश्वविद्यालयों से आह्वान किया कि वे बदलते वैश्विक परिदृश्य के अनुरूप अपने पाठ्यक्रमों एवं तकनीकी कार्यक्रमों को निरंतर बेहतर बनायें ताकि विद्यार्थी ज्ञानवान होने के साथ-साथ नवोन्मेषी, आत्मनिर्भर और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बन सकें।
राज्यपाल, यहां डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) में शिक्षकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को संबोधित कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र की प्रगति सामूहिक उत्तरदायित्व से ही संभव है।
राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल लखनऊ स्थित विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडीज पहुंची और बी-टेक प्रथम सत्र की शुरुआत की।
पटेल ने जयंती पर स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “विवेकानंद जी युवाओं को राष्ट्र की ऊर्जा और भविष्य मानते थे। उनका संदेश उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको, आज भी युवाओं को प्रेरणा देता है इसलिए उनके जीवन के बारे में सभी को पढ़ना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान, डिजिटल पेमेंट, ‘एक पेड़ मां के नाम’ और ‘विकसित भारत’ जैसे अभियानों की सफलता देश की एकजुट चेतना व साझा संकल्प का परिणाम है।
राज्यपाल ने कहा कि भारत आज ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर सवार होकर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
पटेल ने उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि आईआईटी, आईआईएम और एम्स की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
उन्होंने नई शिक्षा नीति, पीएम श्री स्कूल, चंद्रयान मिशन, उपग्रह प्रक्षेपण, गगनयान और भावी भारतीय स्पेस स्टेशन भारत के बढ़ते आत्मविश्वास और वैज्ञानिक क्षमता के प्रतीक हैं।
राज्यपाल ने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) द्वारा ‘ए प्लस’ ग्रेड प्राप्त होने पर बधाई देते हुए इसे आठ वर्षों में विश्वविद्यालय की बड़ी उपलब्धि बताया।