नयी दिल्ली, 12 जनवरी (भाषा) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कहा कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शन जैसी घटनाओं से पूरा देश स्तब्ध है, जहां दंगों के आरोपियों के लिये जमानत की मांग की गई और ‘आतंकवादियों’ का समर्थन किया गया।
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि छात्रों ने ‘अशोभनीय’ नारे लगाए और देश के खिलाफ बात की।
उच्चतम न्यायालय ने पांच जनवरी को वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में जेएनयू के दो पूर्व छात्रों और कार्यकर्ता उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
इस फैसले के बाद कुछ छात्रों ने कथित तौर पर जेएनयू परिसर के अंदर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ ‘भड़काऊ’ नारे लगाए।
राष्ट्रीय युवा दिवस पर युवाओं को बधाई देते हुए गुप्ता ने कहा कि पूरा देश उनकी ओर देखता है, क्योंकि राष्ट्र को प्रगति की ओर ले जाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा, ‘‘जेएनयू जैसी घटनाओं से पूरा देश स्तब्ध है, जहां दंगों के आरोपियों के लिये जमानत की मांग की जाती है और आतंकवादियों का समर्थन किया जाता है। देश को यह दुर्भाग्यपूर्ण लगता है कि विश्वविद्यालय के छात्र… अशोभनीय नारे लगाते हैं और राष्ट्र के खिलाफ बोलते हैं।’’
दिल्ली पुलिस ने जेएनयू प्रशासन की शिकायत पर पांच जनवरी के विरोध प्रदर्शन के संबंध में भारतीय न्याय संहिता की धारा 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना), 353(1) (सार्वजनिक उपद्रव को बढ़ावा देने वाले बयान) और 3(5) (साझा मंशा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।