सुशासन और राष्ट्रवादी मिशन के लिये याद किया जाएगा कल्याण सिंह का कार्यकाल : आदित्यनाथ

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लखनऊ, पांच जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को उनकी जयंती पर याद करते हुए सोमवार को कहा कि राम भक्तों और संतों की भावनाओं का सम्मान करते हुए अपनी सत्ता का बलिदान करने वाले सिंह का कार्यकाल सुशासन, विकास और राष्ट्रवादी मिशन को आगे बढ़ाने के लिए हमेशा जाना जाएगा।

आदित्यनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की 94वीं जयंती के अवसर पर यहां आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में कहा कि जब उनकी सत्ता को अस्थिर करने की कोशिश की गयी और राम जन्मभूमि आंदोलन चरम की ओर बढ़ा तो सिंह ने राम भक्तों और संतों की भावनाओं का सम्मान करते हुए प्रभु श्री राम के प्रति अपनी सत्ता का बलिदान देने में कोई संकोच नहीं किया।

उन्होंने कहा, ”उनकी सरकार गयी, लेकिन गुलामी के ढांचे को हटाने के जिस प्रण के साथ राम भक्त आगे बढ़े थे, उन्होंने (कल्याण सिंह ने) सारी जिम्मेदारी अपने ऊपर लेकर भगवान राम के प्रति, अपने कर्तव्यों का निर्वहन में तनिक भी देर नहीं लगायी।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पहले मुख्यमंत्री थे। ”वर्ष 1991 में जब उन्होंने उत्तर प्रदेश की बागडोर संभाली थी तब यहां अव्यवस्था, अराजकता और गुंडागर्दी थी। आतंकवादी गतिविधियां सिर उठा रही थीं। शासन की योजनाओं का लाभ गांव और गरीबों को, किसानों, नौजवानों और महिलाओं को नहीं मिल रहा था। एक ओर अराजकता और कुव्यवस्था थी वहीं, दूसरी ओर 500 वर्षों की गुलामी को दूर करने के लिए हिंदू समाज छटपटा रहा था। उन स्थितियों में बाबूजी (कल्याण सिंह) ने उत्तर प्रदेश की कमान अपने हाथों में ली।”

उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह ने मुख्यमंत्री के रूप में जब कार्य शुरू किया तो कुछ ही महीनों में लोगों के मन में यह विश्वास पैदा होने लगा कि उत्तर प्रदेश अब सुशासन की ओर चलकर विकास के एक नए सोपान को जोड़ेगा।

आदित्यनाथ ने कहा, ”उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में श्रद्धेय बाबूजी का कार्यकाल सुशासन, विकास और राष्ट्रवादी मिशन को आगे बढ़ाने के लिए हमेशा जाना जाएगा। आज यही कारण है कि हर भारतवासी बाबूजी को इस रूप में याद करता है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक सामान्य किसान परिवार में जन्म लेने वाले कल्याण सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पाठशाला में राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ा और आजीवन उसे अपने जीवन का मंत्र बनाकर लगातार कार्य करते रहे।

कल्याण सिंह की स्मृतियों को नमन करते हुए उन्होंने कहा, ”आज वह हमारे बीच नहीं है लेकिन एक विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री, सांसद और राज्यपाल के रूप में भी उनकी सेवाएं सदैव पूरे देशवासियों के लिए अविस्मरणीय रहेंगी।”

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