पांचवें एशेज टेस्ट के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह देंगे उस्मान ख्वाजा
Focus News 2 January 2026 0
सिडनी, दो जनवरी (एपी) पाकिस्तान में जन्में ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने घोषणा की है कि वह इंग्लैंड के खिलाफ रविवार से सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एससीजी) में शुरू होने वाले पांचवें और अंतिम एशेज टेस्ट के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लेंगे।
ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने वाले पहले मुस्लिम खिलाड़ी ख्वाजा ने संन्यास की घोषणा करते हुए ‘नस्लीय’ रूढ़िवादिता की भी आलोचना की जिसका अनुभव उन्होंने अपने करियर के दौरान किया था।
शीर्ष क्रम के बल्लेबाज 39 वर्षीय ख्वाजा के लिए एससीजी का मैदान काफी भाग्यशाली रहा है। इंग्लैंड के खिलाफ पांचवा टेस्ट उनके करियर का 88वां और आखिरी टेस्ट मैच होगा, जो उसी मैदान पर खेला जाएगा जहां से उन्होंने अपने प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी। ख्वाजा ने 2018 में एससीजी में ही इंग्लैंड के खिलाफ 171 रन बनाकर एशेज में अपना पहला शतक बनाया था।
एससीजी में ही उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ दो शतक लगाकर 35 वर्ष की उम्र में अपने करियर को नई दिशा दी। इसके बाद अगले दो वर्षों में ख्वाजा ने सात शतक जड़े।
लेकिन वर्तमान श्रृंखला के पर्थ में खेले गए पहले एशेज टेस्ट में पीठ में दर्द के कारण वह पारी की शुरुआत नहीं कर पाए थे और इसके बाद चोट के कारण ब्रिस्बेन टेस्ट से बाहर रहने से टीम में उनके स्थान को लेकर सवाल उठने लग गए थे।
एडिलेड में तीसरे टेस्ट मैच में उन्हें पहले टीम से बाहर रखा गया था, लेकिन स्टीव स्मिथ के अस्वस्थ होने के कारण ख्वाजा को वापसी का मौका मिला। एडिलेड में पहली पारी में 82 रन बनाकर उन्होंने मेलबर्न में खेले गए चौथे टेस्ट में अपनी जगह पक्की कर ली। पांचवें टेस्ट में 3-1 की बढ़त के साथ उतर रहे ऑस्ट्रेलिया ने एशेज बरकरार रखी है।
ख्वाजा ने कहा कि उन्हें लगता था कि उनके पाकिस्तानी और मुस्लिम पृष्ठभूमि के कारण उनके साथ ‘‘अभी भी थोड़ा अलग व्यवहार किया जाता है।’’
ख्वाजा ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘मेरे साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वो अलग था, घटनाएं भी अलग थीं। मुझे पीठ में दर्द होता है जो मेरे बस में नहीं है लेकिन मीडिया और पूर्व खिलाड़ी मुझ पर टूट पड़ते हैं। मुझे लगभग पांच दिनों तक आलोचना का सामना करना पड़ा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लेकर कई तरह की नस्लीय रूढ़िवादिता सामने आई, जैसे कि मैं आलसी हूं, पाकिस्तानी, वेस्टइंडीज के, अश्वेत खिलाड़ी…हम स्वार्थी हैं, हम सिर्फ अपनी परवाह करते हैं, हमें टीम की परवाह नहीं है, हम कड़ी मेहनत नहीं करते। ये वो बातें थीं जिनसे मैं अपनी पूरी जिंदगी जूझता रहा हूं।’’
पर्थ मैच से पहले ख्वाजा की आलोचना हुई क्योंकि उन्होंने दो बार गोल्फ खेला और वैकल्पिक अभ्यास सत्र में भाग नहीं लिया। कुछ लोगों का मानना था कि गोल्फ ही उनकी पीठ की समस्या का कारण हो सकता है।
ख्वाजा ने कहा, ‘‘मैं आपको ऐसे कई उदाहरण दे सकता हूं जब खिलाड़ी गोल्फ खेल कर चोटिल हो गए लेकिन आप लोगों ने उनके बारे में कुछ नहीं कहा। मैं आपको ऐसे भी उदाहरण दे सकता हूं जब खिलाड़ियों ने मैच से पहले की रात को खूब बियर पी और वे अस्वस्थ हो गए लेकिन उनके बारे में भी कुछ नहीं कहा गया लेकिन जब मैं चोटिल हुआ तो मेरी प्रतिबद्धता और एक व्यक्ति के रूप में मेरी छवि पर सवाल उठा दिए गए।’’
ख्वाजा ने कहा कि उन्हें पता था कि उनके करियर का अंत निकट है।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इस श्रृंखला के शुरू होने से पहले ही मुझे अंदाजा हो गया था कि यह मेरी अंतिम श्रृंखला होगी। मुझे खुशी है कि मैं अपनी शर्तों पर विदाई ले रहा हूं।’’
ख्वाजा ने अब तक 87 टेस्ट मैचों में 43.49 के औसत से 6,206 रन बनाए हैं जिसमें 16 शतक और 28 अर्धशतक शामिल हैं।
ख्वाजा ने कहा, ‘‘मैं सौभाग्यशाली हूं कि मुझे ऑस्ट्रेलिया की तरफ से इतने सारे मैच खेलने का मौका मिला। मुझे उम्मीद है कि मैंने इस दौरान लोगों को प्रेरित किया होगा।’’
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टॉड ग्रीनबर्ग ने एक बयान में कहा, ‘‘उस्मान ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में बहुत बड़ा योगदान दिया है। वह ऑस्ट्रेलिया के सबसे भरोसेमंद सलामी बल्लेबाजों में से एक रहे हैं और उनकी सफलता का प्रमाण यह है कि उन्हें उसी सत्र में आईसीसी टेस्ट क्रिकेटर ऑफ द ईयर नामित किया गया था जब ऑस्ट्रेलिया ने विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (2023 में) जीती थी।’’
