उप्र: नव वर्ष पर राम मंदिर में उमड़ा भक्तों का सैलाब

0
Zasderdsa

अयोध्या, एक जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ के एक दिन बाद बृहस्पतिवार को श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ की वजह से राम जन्मभूमि और हनुमानगढ़ी मंदिरों में वीआईपी दर्शन बंद करने पड़े तथा मंदिर प्रबंधन को स्थानीय लोगों से अपनी यात्रा टालने का अनुरोध करना पड़ा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं का लगातार आगमन राम मंदिर के महत्वपूर्ण आध्यात्मिक आकर्षण को दर्शाता है और इसके साथ ही यहां आने वाले आगंतुकों की संख्या 2025 में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 25 नवंबर को 22 फुट की धार्मिक ध्वजा फहरा कर ध्वज आरोहण का अनुष्ठान संपन्न किया था।

अधिकारियों के अनुसार, नए साल और प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी सालगिरह से जुड़े समारोहों व अनुष्ठानों के लिए लाखों श्रद्धालु मंदिर शहर में उमड़ पड़े।

उन्होंने बताया कि समारोह के मद्देनजर ड्रोन निगरानी, ​​सीसीटीवी से नजर, वाहनों की गहन जांच और सुरक्षा बलों की तैनाती कर सतर्कता बढ़ा दी गयी।

अधिकारियों के मुताबिक, कानून व्यवस्था और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए शहर को कई जोन में बांट दिया गया।

अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) सी. पी. त्रिपाठी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि शहर के अंदर वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया और कुल 36 पार्किंग स्थल बनाए गए।

उन्होंने बताया कि होल्डिंग एरिया भी बनाए गए हैं, जहां जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को रोका जाएगा और चरणबद्ध तरीके से दर्शन के लिए भेजा जाएगा।

त्रिपाठी ने बताया कि प्रतिष्ठा द्वादशी के अवसर पर वीवीआईपी यात्राओं के संबंध में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

उन्होंने बताया कि अयोध्या शहर को पांच जोन और 10 सुरक्षा सेक्टरों में बांटा गया है तथा स्थल-वार नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं, जो हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं।

त्रिपाठी के मुताबिक, राम मंदिर के अलावा, नागेश्वरनाथ, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, रामपथ और घाटों पर पुलिस बल तैनात किया गया है।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक जोन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रैंक के अधिकारियों को नोडल अधिकारी और सेक्टरों में पुलिस उपाधीक्षक को तैनात किया गया है।

इस बीच, राम मंदिर प्रबंधन से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि बड़े पैमाने पर भीड़ को देखते हुए वीआईपी दर्शन बंद कर दिए गए हैं।

मंदिर के पदाधिकारियों ने स्थानीय लोगों से दर्शन के लिए आने में देर करने को कहा है ताकि बाहर से आये तीर्थयात्रियों को दर्शन करने में आसानी हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *