भारत के प्रौद्योगिकी नेतृत्व की दिशा में अनुसंधान और नवाचार इंजन साबित होंगे: उपराष्ट्रपति
Focus News 30 November 2025 0
चंडीगढ, 30 नवंबर (भाषा) उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने रविवार को कहा कि अनुसंधान एवं नवाचार दो ऐसे इंजन हैं, जो भारत को प्रौद्योगिकी नेतृत्व की ओर ले जायेंगे।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि सच्ची ‘आत्मनिर्भता’ तब आती है जब नवाचार राष्ट्र की पहचान को प्रतिबिंबित करते हैं और न केवल हमारे अपने लोगों, बल्कि पूरी मानवता की सेवा करते हैं।
उन्होंने कुरुक्षेत्र स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के 20वें दीक्षांत समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए युवा स्नातकों से हमेशा नशे से दूर रहने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में प्रत्येक क्षेत्र में ऐसी गति से परिवर्तन हो रहा है जिसे मानवता ने पहले कभी नहीं देखा था।
उपराष्ट्रपति उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रौद्योगिकी आज एक शक्तिशाली माध्यम बन गई है जो उद्योगों को नया स्वरूप दे रही है, नवाचारों को पुनर्परिभाषित कर रही है तथा हमारे जीने और काम करने के तरीके को नया रूप दे रही है, सब कुछ बदल रहा है।
राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि अनुसंधान और नवाचार दो इंजन हैं जो भारत को तकनीकी नेतृत्व की ओर ले जाएंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘…आपकी पीढ़ियों को स्वदेशी नवाचारों, भारतीय ज्ञान, संसाधनों और आवश्यकताओं पर आधारित समाधानों पर भी ध्यान केंद्रित करना चाहिए।’’
उपराष्ट्रपति ने युवा स्नातकों से कहा कि हमेशा याद रखें कि प्रौद्योगिकी का वास्तविक उद्देश्य केवल प्रगति करना नहीं है, बल्कि उद्देश्यपूर्ण प्रगति करना है।
उन्होंने कहा कि युवा नवप्रवर्तक उच्च राष्ट्रीय महत्व वाले क्षेत्रों – टिकाऊ विनिर्माण, स्मार्ट परिवहन, क्वांटम प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य देखभाल प्रौद्योगिकी, कृषि नवप्रवर्तन और हरित बुनियादी ढांचे में अन्वेषण करेंगे, और भारत का भविष्य का नेतृत्व इन्हीं क्षेत्रों से उभरेगा।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत अब केवल प्रौद्योगिकी को अपनाने वाला नहीं है, यह हमारा अतीत है।
उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आपकी बुद्धिमत्ता, आपके उत्साह और विभिन्न क्षेत्रों में काम करने की आपकी रुचि के कारण हम प्रौद्योगिकी के निर्माता के रूप में उभर रहे हैं।’’
उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि डिजिटल इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी पहलों से देश में उद्यमशीलता का पारिस्थितिकी तंत्र पहले से कहीं अधिक जीवंत और सहायक बन गया है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने भारत को विश्वगुरु बनने के प्रगतिशील पथ पर मजबूती से स्थापित कर दिया है। उन्होंने पूर्ववर्ती मैकाले की शिक्षा प्रणाली का उल्लेख किया जो ‘‘बड़े पैमाने पर केवल लिपिक बना रही थी।’’
उपराष्ट्रपति ने कहा कि सरकार एक मजबूत स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा दे रही है जो जोखिम लेने, रचनात्मकता और रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करती है।
राधाकृष्णन ने छात्रों से आह्वान करते हुए कहा, ‘‘कई एनआईटी स्नातक पहले से ही सफल स्टार्टअप का नेतृत्व कर रहे हैं, जो आपके लिए सबसे उत्साहजनक बात है। मैं आपमें से अधिक से अधिक लोगों से आग्रह करता हूं कि आप अपने विचारों को ऐसे उद्यमों में बदलें जो राष्ट्रीय विकास एवं राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं उम्मीद करता हूं कि अगला गूगल, अगला टेस्ला, अगला स्पेस एक्स आपके माध्यम से भारत से उभरे।’’
