नयी दिल्ली, 30 नवंबर (भाषा) संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने रविवार को कहा कि संसद का शीतकालीन सत्र अच्छी तरह चलना चाहिए और सरकार दोनों सदनों में गतिरोध की स्थिति को टालने के लिए विपक्षी दलों के साथ बातचीत जारी रखेगी।
सर्वदलीय बैठक के बाद उन्होंने चुटीले अंदाज में यह भी कहा कि यह शीतकालीन सत्र है और इसमें सबको ‘‘ठंडे दिमाग से’’ काम करना चाहिए।
उन्होंने बैठक को सकारात्मक करार देते हुए कहा, ‘‘बैठक में जो भी सुझाव आए हैं, उनको विचार के बाद बीएसी (कार्य मंत्रणा समिति) में रखा जाएगा। कुल मिलाकर 36 दलों के 50 नेता शामिल हुए। सरकार की तरफ से आश्चासन देता हूं कि संसद का शीतकालीन सत्र अच्छी तरह से चलाने के लिए विपक्ष के साथ बातचीत करते रहेंगे। विपक्षी दलों के नेताओं से अनुरोध है कि संसद को अच्छी तरह से चलाने में सहयोग करें।’’
रीजीजू ने कहा, ‘‘लोकतंत्र, विशेष रूप से संसदीय लोकतंत्र में गतिरोध होता है, राजनीतिक दलों में मतभेद होते हैं। इसके बावजूद हम सब तय करें कि सदन में गतिरोध पैदा नहीं करना है और अपनी बात रखकर विरोध दर्ज कराना है, तो सदन चलेगा।’’
उन्होंने एसआईआर के मुद्दे के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘विपक्षी दलों में कई नेता हैं, जो संसद चलाना और मुद्दे उठाना चाहते हैं। इसलिए यह कहना उचित नहीं है कि सभी विपक्षी दल एसआईआर का मुद्दा उठाकर संसद की कार्यवाही बाधित करना चाहते हैं।’’
उन्होंने कहा कि विपक्ष ने कई मुद्दे रखे हैं, उनमें से एसआईआर भी एक है।
रीजीजू ने कहा, ‘‘एसआईआर पर चर्चा नहीं हुई, तो संसद नहीं चलने देंगे, ऐसा सब राजनीतिक दलों ने नहीं कहा है। किसी ने बाहर बयान दिया है, तो उसे सामूहिक बयान नहीं मानना चाहिए।’’