बीते सप्ताह सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल, पाम-पामोलीन और बिनौला में सुधार
Focus News 30 November 2025 0
नयी दिल्ली, 30 नवंबर (भाषा) बीते सप्ताह देश के तेल-तिलहन बाजारों में सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल, कच्चे पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल के दाम सुधार के साथ बंद हुए। वहीं सोयाबीन डी-आयल्ड केक (डीओसी) की कमजोर स्थानीय मांग के कारण मिल वालों की मांग प्रभावित रहने से सोयाबीन तिलहन के दाम गिरावट के साथ बंद हुए।
इस बीच, 28 नवंबर देर रात सरकार ने कच्चे पामतेल के आयात शुल्क मूल्य को घटा दिया और दूसरी ओर सोयाबीन डीगम तेल के आयात शुल्क मूल्य में ममूली बढ़ोतरी की है।
बाजार सूत्रों ने कहा कि सरसों के भाव ऊंचे बोले जा रहे हैं जिस वजह से इसमें बीते सप्ताह सुधार दिख रहा है। वैसे वस्तुस्थिति यह है कि सरसों के दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से अधिक चल रहे हैं और सहकारी संस्थाओं, स्टॉकिस्ट तथा किसानों के पास सरसों का पूरा स्टॉक है। आगामी दो-तीन महीने में सरसों की अगली फसल भी बाजार में आ जायेगी। आयातित खाद्य तेलों से भी भाव ऊंचा होने की वजह से सरसों की मांग प्रभावित है।
सूत्रों ने कहा कि सोयाबीन की हालत काफी बुरी है। हालांकि, समीक्षाधीन अवधि में विदेशों में सोयाबीन डीगम के दाम 50-60 डॉलर मजबूत हुए हैं जिसकी वजह से बीते सप्ताह सोयाबीन तेल-तिलहन के दाम में अपने पूर्व सप्ताहांत के मुकाबले सुधार दिख रहा है। वस्तुस्थिति यह है कि सोयाबीन तिलहन के हाजिर दाम एमएसपी से काफी नीचे हैं। आयातक जो पहले लागत से 3-3.5 प्रतिशत नीचे दाम पर सोयाबीन डीगम बेच रहे थे वह अंतर अब बढ़कर 6.5-7 प्रतिशत हो चला है। यह गतिविधि काफी समय से चल रही है जो सभी अंशधारकों के हितों को चोट पहुंचाने वाली है और इसे रोकने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि एक ओर खरीफ मौसम में सरकार एमएसपी से नीचे दाम पर सोयाबीन की बेछूट बिक्री कर रही थी दूसरी ओर जिस सरसों का दाम एमएसपी से अधिक है, उसकी रोक-रोक कर बिक्री कर रही थी। यह एक अजीब विरोधाभास को सामने लाता है।
सूत्रों ने कहा कि इसी प्रकार, मूंगफली की स्थानीय मांग बढ़ी है जिसकी वजह से बीते सप्ताह मूंगफली तेल-तिलहन के दाम में सुधार आया। पर वास्तव में इसके हाजिर दाम एमएसपी से 10-12 प्रतिशत नीचे बने हुए हैं। लगभग दो साल पहले जब पाम-पामोलीन तेल का दाम 90-95 रुपये किलो होता था, उस वक्त मूंगफली तेल का दाम 160 रुपये किलो होता था। लेकिन आज निर्यात की सामग्री मानी जाने वाली मूंगफली के सामने खपने की समस्या है और हाजिर दाम ध्वस्त पड़े हैं जिसकी कोई सुध लेता भी नहीं दिखता।
उन्होंने कहा कि गत दो-तीन सत्रों में सटोरियों ने बाजार को बढ़ाया है जिसकी वजह से बीते सप्ताह पाम-पामोलीन तेल के दाम में सुधार दिख रहा है। हकीकत में जाड़े में इसके लिवाल कम हैं और लिवाली प्रभावित है।
सूत्रों ने कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार इस बात की छानबीन करे कि पिछले लगभग 20 साल में जो विशेषज्ञ परिचर्चाओं में बाजार की समीक्षा करते थे क्या उनके हित किसी समूह या कंपनी से जुड़े थे? क्योंकि इन समीक्षकों की लगभग 20 वर्षो की समीक्षाओं के बावजूद देश का तेल-तिलहन उत्पादन बढ़ने के बजाय, आयात पर निर्भरता बढ़ती चली गई है। सूरजमुखी जैसे तेल के मामले में तो हम लगभग पूरी तरह आयात पर निर्भर हो गये हैं। इस बात की अधिक जिम्मेदारी देश के तेल संगठनों की भी है कि वे बाजार की वास्तविकता और घाटे के कारोबार जारी रहने के प्रति सरकार को आगाह कर सही रास्ता बताएं।
बीते सप्ताह सरसों दाना 10 रुपये के सुधर के साथ 7,110-7,160 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। सरसों दादरी तेल 50 रुपये के सुधर के साथ 14,725 रुपये प्रति क्विंटल, सरसों पक्की और कच्ची घानी तेल का भाव क्रमश: 15-15 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 2,470-2,570 रुपये और 2,470-2,605 रुपये टिन (15 किलो) पर बंद हुआ।
समीक्षाधीन सप्ताह में सोयाबीन दाने और सोयाबीन लूज के थोक भाव क्रमश: 125 रुपये और 175 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 4,550-4,600 रुपये और 4,250-4,300 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुए।
दूसरी ओर, सोयाबीन दिल्ली तेल 125 रुपये के सुधार के साथ 13,450 रुपये प्रति क्विंटल, सोयाबीन इंदौर तेल 75 रुपये के सुधार के साथ 13,100 रुपये और सोयाबीन डीगम तेल का दाम 150 रुपये के सुधार के साथ 10,350 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।
समीक्षाधीन सप्ताह में मूंगफली तेल-तिलहन की कीमतों में भी सुधार आया। मूंगफली तिलहन 175 रुपये के सुधार के साथ 6,450-6,825 रुपये क्विंटल, मूंगफली तेल गुजरात का थोक दाम 500 रुपये के सुधार के साथ 15,250 रुपये क्विंटल और मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल का थोक दाम 70 रुपये के सुधार के साथ 2,470-2,770 रुपये प्रति टिन पर बंद हुआ।
इसी प्रकार, समीक्षाधीन सप्ताह में सीपीओ तेल का दाम 25 रुपये के मामूली सुधार के साथ 11,275 रुपये प्रति क्विंटल, पामोलीन दिल्ली का भाव 75 रुपये के मामूली सुधार 13,125 रुपये प्रति क्विंटल तथा पामोलीन एक्स कांडला तेल का भाव 50 रुपये के सुधार 12,100 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।
सुधार के आम रुख के अनुरूप, समीक्षाधीन सप्ताह में बिनौला तेल के दाम भी 100 रुपये के सुधार के साथ 12,550 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुए।
