बैंकॉक, 29 नवंबर (एपी) बेलारूस के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर लुकाशेंको सद्भावना यात्रा पर म्यांमा पहुंचे। सरकारी मीडिया द्वारा शुक्रवार को जारी खबरों में यह जानकारी दी गयी।
एलेक्जेंडर 2021 में सैन्य शासन लागू होने के बाद से म्यांमा का दौरा करने वाले दूसरे विदेशी नेता हैं। यह यात्रा म्यांमा में होने वाले चुनाव से ठीक एक महीने पहले हो रही है। चुनावी विश्लेषकों का कहना है कि ये चुनाव न तो स्वतंत्र हैं और न ही निष्पक्ष।
आलोचक, लुकाशेंको की यात्रा को चुनाव के समर्थन के रूप में देख रहे हैं।
म्यांमा में सैन्य शासन लागू होने के बाद से चीन और रूस के साथ-साथ बेलारूस म्यांमा सरकार का एक प्रमुख समर्थक और आपूर्तिकर्ता रहा है।
बेलारूस उन कुछ देशों में से एक है, जहां म्यांमा की सैन्य सरकार के प्रमुख वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग ने मार्च और जून में यात्रा की थी।
म्यांमा की तरह बेलारूस की सरकार को भी व्यापक रूप से सत्तावादी माना जाता है।
म्यांमा के सैन्य नेताओं को फरवरी 2021 में आंग सान सू की की निर्वाचित सरकार का तख्तापलट करने और सैन्य शासन के विरोध को दबाने की कोशिश में बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों का उल्लंघन करने के लिए कई पश्चिमी देशों ने प्रतिबंधित किया है।
कंबोडिया के तत्कालीन प्रधानमंत्री हुन सेन 2021 के बाद से म्यांमा की यात्रा करने वाले एकमात्र अन्य विदेशी नेता हैं।
सेन, 2022 में दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ के अध्यक्ष के रूप में म्यांमा की यात्रा पर आए थे।
सरकारी अखबार ‘ग्लोबल न्यू लाइट ऑफ म्यांमा’ की एक खबर के मुताबिक, बृहस्पतिवार रात राजधानी नेपीता स्थित सैन्य हवाई अड्डे पर लुकाशेंको के आगमन पर म्यांमा के प्रधानमंत्री न्यो साव और अन्य कैबिनेट सदस्यों ने पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका स्वागत किया।
म्यांमा सरकार के स्वामित्व वाले टीवी चैनल ‘एमआरटीव’ की खबर में बताया गया कि लुकाशेंको ने शुक्रवार को मिन आंग ह्लाइंग और अन्य शीर्ष अधिकारियों के साथ बातचीत की, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों, चुनावी प्रक्रियाओं एवं बेलारूसी चुनाव पर्यवेक्षकों की तैनाती के साथ-साथ सैन्य सहित सभी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया।
खबर के मुताबिक, उन्होंने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अर्थशास्त्र सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापनों और अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए।