बैंकॉक, चार अप्रैल (एपी) बंगाल की खाड़ी के निकटवर्ती देशों के नेताओं ने शुक्रवार को बैंकॉक में शिखर सम्मेलन के समापन पर व्यापार और परिवहन सहयोग में सुधार लाने का संकल्प लिया।
थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनवात्रा ने कहा कि बिम्सटेक (बहु-क्षेत्रीय और तकनीकी सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी पहल) शिखर सम्मेलन में शामिल सात देशों ने म्यांमा और थाईलैंड में पिछले सप्ताह आए भूकंप में 3,000 से अधिक लोगों की मौत के मद्देनजर प्राकृतिक आपदा राहत कार्यों को और बेहतर बनाने पर सहमति जताई।
शिखर सम्मेलन की अध्यक्ष शिनवात्रा ने कहा कि नेताओं ने भूकंप से संबंधित एक संयुक्त बयान में “संवेदना, एकजुटता और प्रभावित देशों को समर्थन देने की प्रतिबद्धता” भी व्यक्त की।
म्यांमा की सैन्य सरकार के प्रमुख वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग की उपस्थिति के कारण ये बैठकें विवादों में रहीं, जिन्हें 2021 में सत्ता संभालने और उसके बाद हुए क्रूर उत्पीड़न के कारण कई देशों ने दरकिनार कर दिया है।
उन्हें म्यांमा की सदस्यता वाले एक अन्य संगठन दक्षिण-पूर्वी एशियाई राष्ट्र संघ की बैठक में भाग लेने की अनुमति नहीं दी गई है। उनके विरोधियों ने बिम्सटेक से उनके साथ संबंध न रखने का आह्वान किया है।
बिम्सटेक में भारत, थाईलैंड, म्यांमा, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल और श्रीलंका शामिल हैं।
वर्ष 2021 में इंडोनेशिया में एक क्षेत्रीय सम्मेलन में भाग लेने के बाद से यह मिन आंग ह्लाइंग की चीन, रूस और बेलारूस – के अलावा किसी अन्य देश की पहली यात्रा थी। चीन, रूस और बेलारूस को म्यांमा में सैन्य सरकार का समर्थक कहा जाता है।
थाईलैंड के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता निकोर्नडेज बालानकुरा ने कहा कि पैतोंगटार्न ने मिन आंग ह्लाइंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता की, और उन्होंने भूकंप के लिए राहत कार्यों तथा सीमा सुरक्षा को लेकर सहयोग, विशेष रूप से अवैध व्यापार, नशीली पदार्थों की तस्करी और ऑनलाइन धोखाधड़ी के मुद्दों पर चर्चा की।
शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले अन्य नेताओं में बांग्लादेश सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस और भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शामिल हैं।
पिछले साल तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीथा थाविसिन को न्यायालय के आदेश के तहत पद से हटा दिए जाने के बाद थाईलैंड ने सम्मेलन स्थगित कर दिया था। थाईलैंड ने अब समूह की अध्यक्षता बांग्लादेश को सौंप दी है।