भुवनेश्वर, तीन अप्रैल (भाषा) ओडिशा विधानसभा ने रातभर की चर्चा के बाद दो महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए। सदन की कार्यवाही में बीजू जनता दल (बीजद) के सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, लेकिन कांग्रेस विधायक सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं हुए।
विधानसभा में हुई चर्चा के बाद ओडिशा विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2024 और ओडिशा राज्य राजमार्ग प्राधिकरण विधेयक, 2025 को लंबी चर्चा के बाद ध्वनि मत से पारित किया गया।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, उपमुख्यमंत्री प्रवति परिदा और करीब 12 मंत्री पूरी रात सदन में मौजूद रहे। 12 घंटे से अधिक समय की चर्चा के बाद सुबह चार बजकर 29 मिनट पर ओडिशा विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2024 पारित हुआ। इस विधेयक में भर्ती और अन्य गतिविधियों के लिए विश्वविद्यालयों को अधिक स्वायत्तता देने का प्रावधान किया गया है।
आठ बार के विधायक आर पी स्वैन, पूर्व मंत्री अरुण कुमार साहू, गणेश्वर बेहरा और विपक्ष की मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक सहित बीजद के कई वरिष्ठ सदस्यों ने बुधवार को शाम चार बजे ओडिशा विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2024 पर शुरू हुई चर्चा में भाग लिया।
सदन में ओडिशा विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2024 पर चर्चा के दौरान विपक्षी दल और सत्तारूढ़ दल के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
विपक्षी दल के सदस्यों ने मांग की कि विधेयक को प्रवर समिति को भेजा जाए क्योंकि मामला उच्चतम न्यायालय में लंबित है।
हालांकि, उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने विपक्ष के सभी आरोपों का खंडन किया और उनके सवालों के जवाब दिए, जिसके बाद विधेयक को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।
कार्य मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन द्वारा प्रस्तुत ओडिशा राज्य राजमार्ग प्राधिकरण विधेयक, 2025 को भी चर्चा के बाद पारित कर दिया गया, जिसमें राज्य में राजमार्गों और प्रमुख सड़कों की योजना, विकास, रखरखाव और प्रबंधन के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की तर्ज पर एक निकाय स्थापित करने का प्रावधान किया गया है।
करीब दो घंटे की चर्चा के बाद विधेयक सुबह छह बजकर 29 मिनट पर ध्वनिमत से पारित किया गया।