नयी दिल्ली, 26 मार्च (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को ‘आप’ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी को उस याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें हालिया विधानसभा चुनाव के दौरान कथित भ्रष्ट आचरण के आधार पर उनके निर्वाचन को चुनौती दी गई है।
न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने निर्वाचन आयोग, दिल्ली पुलिस और कालकाजी विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी को भी नोटिस जारी किये। इसी विधानसभा सीट से आतिशी ने चुनाव जीता था।
अदालत ने प्रतिवादियों से याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा तथा सुनवाई की तारीख 30 जुलाई तय की।
हालांकि, निर्वाचन आयोग के वकील और निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि कानून के अनुसार उन्हें चुनाव याचिका में पक्ष नहीं बनाया जा सकता।
अदालत ने कहा कि उन्हें अपने जवाब में अपनी आपत्तियां दर्ज कराने की छूट होगी।
इस बीच, अदालत ने निर्वाचन आयोग, निर्वाचन अधिकारी और पुलिस को कालकाजी निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का निर्देश दिया।
कालकाजी के निवासी याचिकाकर्ता कमलजीत सिंह दुग्गल और आयुष राणा ने आतिशी की चुनावी जीत को चुनौती देते हुए दावा किया है कि वह और उनके मतदान एजेंट भ्रष्ट आचरण में लिप्त थे।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 जुलाई की तारीख तय की।
अधिवक्ता टी. सिंहदेव के माध्यम से दायर याचिका में चुनाव को अमान्य घोषित करने की मांग की गई है।
आतिशी ने कालकाजी सीट पर भाजपा उम्मीदवार रमेश बिधूड़ी को 3,521 मतों से हराया था। याचिकाकर्ता कालकाजी क्षेत्र के निवासी हैं। चुनाव के लिए मतदान पांच फरवरी को हुआ था और परिणाम आठ फरवरी को घोषित किए गए थे।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि मतदान से एक दिन पहले चार फरवरी को आतिशी के करीबी सहयोगियों को निर्वाचन क्षेत्र में पांच लाख रुपये नकदी के साथ पकड़ा गया था और वे सहयोगी कथित तौर पर आतिशी के पक्ष में मतदाताओं के “वोट खरीदने” के लिए रिश्वत देने के पूर्व मुख्यमंत्री के निर्देशों पर काम कर रहे थे।
आप नेता पर जनप्रतिनिधि अधिनियम की धारा I23 (I)(A) के तहत “रिश्वत” देने का आरोप लगाया गया है।