नयी दिल्ली, 27 फरवरी (भाषा) बाजार नियामक सेबी ने बृहस्पतिवार को परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों के लिए यूनिट आवंटन की तारीख से 30 दिन के भीतर नयी कोष पेशकश (एनएफओ) के माध्यम से निवेशकों से एकत्र राशि के उपयोग को अनिवार्य कर दिया।
वर्तमान में, राशि के निवेश के लिए कोई समयसीमा नहीं है।
यह व्यवस्था एक अप्रैल, 2025 से लागू होगी। इस उपाय का मकसद संपत्ति प्रबंधन कंपनियों को एनएफओ में केवल उतना ही राशि एकत्रित करने के लिए प्रोत्साहित करना है जिनका उचित समय में उपयोग किया जा सकता है। साथ ही म्यूचुअल फंड के एनएफओ की किसी भी गलत बिक्री को हतोत्साहित करना है।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक परिपत्र में संपत्ति प्रबंधन कंपनियों को राशि के उपयोग के संबंध में म्यूचुअल फंड से जुड़ी योजना सूचना दस्तावेज (एसआईडी) में समयसीमा का उल्लेख करने और उसके अनुसार एनएफओ के जरिये राशि जुटाने के लिए कहा।
इसमें कहा गया, ‘‘एएमसी यूनिट के आवंटन की तारीख से 30 कारोबारी दिन के भीतर एनएफओ के जरिये प्राप्त राशि का उपयोग करेगी।’’
किसी आसाधारण परिस्थिति के कारण यदि एएमसी 30 कारोबारी दिनों में राशि का उपयोग करने में सक्षम नहीं है, तो उसे एएमसी की निवेश समिति को कोष उपयोग करने के लिए किए गए प्रयासों के विवरण सहित लिखित रूप में कारण देना होगा।
समिति समयसीमा को 30 कार्यदिवस तक बढ़ा सकती है। साथ ही आगे चलकर 30 कार्यदिवस के भीतर उपयोग कैसे सुनिश्चित किया जाए इसपर भी सिफारिशें कर सकती है और इसकी निगरानी भी कर सकती है।